फरवरी मार्च में करें इस उन्नत कद्दू किस्म की बुवाई 30 टन प्रति हेक्टेयर तक पैदावार के साथ कम लागत में बढ़ाएं आय और पाएं शानदार मुनाफा
फरवरी का महीना खेती के लिहाज से बेहद खास माना जाता है। इस समय रबी की फसलें अंतिम चरण में होती हैं और अगली सब्जी की तैयारी शुरू हो जाती है। ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कौन सी किस्म का चुनाव किया जाए जिससे उत्पादन भी ज्यादा हो और बाजार में दाम भी अच्छे मिलें। सही जानकारी के अभाव में अक्सर कम उत्पादक किस्मों का चयन हो जाता है जिसका सीधा असर आय पर पड़ता है। अगर समय पर सही बीज और तकनीक अपनाई जाए तो कम लागत में भी बेहतर मुनाफा हासिल किया जा सकता है।
वैज्ञानिकों द्वारा विकसित खास किस्म
पूसा स्थित Dr. Rajendra Prasad Central Agricultural University द्वारा विकसित राजेंद्र चमत्कार नाम की कद्दू की किस्म इन दिनों काफी चर्चा में है। इस किस्म को खास तौर पर अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए तैयार किया गया है। फरवरी से मार्च के बीच इसकी बुवाई आसानी से की जा सकती है और अनुकूल मौसम का पूरा लाभ लिया जा सकता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह किस्म मजबूत वृद्धि और अधिक फल देने की क्षमता के लिए जानी जाती है। प्रति हेक्टेयर केवल तीन से चार किलोग्राम बीज दर पर्याप्त मानी गई है। यानी कम बीज में भी ज्यादा क्षेत्र कवर किया जा सकता है जिससे शुरुआती लागत नियंत्रित रहती है।
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अगर सही दूरी पर रोपाई की जाए और संतुलित खाद प्रबंधन अपनाया जाए तो यह किस्म 25 से 30 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देने में सक्षम है। इसके फलों का औसत वजन एक किलोग्राम से अधिक होता है। आकार आकर्षक और रंग बेहतर होने के कारण बाजार में इसकी मांग बनी रहती है।
अच्छी क्वालिटी और एकसमान आकार होने की वजह से व्यापारियों की पसंद भी यही किस्म बन सकती है। यही कारण है कि कम लागत में ज्यादा उपज और बेहतर दाम मिलने की संभावना इसे आय बढ़ाने का मजबूत विकल्प बनाती है।
बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी सावधानियां
फरवरी मार्च के मौसम का लाभ उठाते हुए समय पर बुवाई करना बेहद जरूरी है। खेत की अच्छी तरह जुताई कर सड़ी हुई गोबर की खाद मिलानी चाहिए। इसके साथ संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाना चाहिए ताकि पौधों को जरूरी पोषण मिलता रहे। समय समय पर सिंचाई करने से फल का विकास अच्छा होता है और गुणवत्ता भी बेहतर रहती है।
अगर प्रमाणित बीज का उपयोग किया जाए और अनुशंसित तकनीक अपनाई जाए तो उत्पादन और आय दोनों में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी जा सकती है। बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले कद्दू की मांग लगातार बनी रहती है जिससे उचित मूल्य मिलने की संभावना और बढ़ जाती है।
राजेंद्र चमत्कार किस्म सही जानकारी और वैज्ञानिक तरीके के साथ सचमुच आय बढ़ाने का अवसर बन सकती है। समय पर तैयारी और समझदारी से लिया गया फैसला भविष्य को मजबूत बना सकता है।
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