विधानसभा चुनाव 2026: पांच राज्यों में चुनावी शंखनाद, पश्चिम बंगाल में दो तो दक्षिण के राज्यों में एक चरण में होगा मतदान

नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए निर्वाचन आयोग की टीम ने सभी चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया।
आयोग के अनुसार, इन पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 824 विधानसभा क्षेत्र हैं। लगभग 2.19 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे और करीब 25 लाख निर्वाचन कर्मी चुनाव प्रक्रिया में भाग लेंगे। वहीं, मतदाताओं की बात करें तो असम में लगभग 2.50 करोड़, केरल में लगभग 2.70 करोड़, तमिलनाडु में लगभग 5.67 करोड़, पश्चिम बंगाल में लगभग 6.44 करोड़ और पुडुचेरी में लगभग 9.44 लाख मतदाता हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अनुसार, शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की आधारशिला होती है। उन्होंने बताया कि इन चुनावों में कुल मिलाकर लगभग 17.4 करोड़ मतदाता भाग लेंगे। यह संख्या इतनी बड़ी है कि कई महाद्वीपीय देशों की कुल जनसंख्या के बराबर है।
ये भी पढ़ें क्या है अमेरिका का 'Operation Epic Fury'? 6,000 ठिकानों को निशाना बनाने के पीछे की पूरी कहानीचुनाव प्रक्रिया के दौरान बीस से अधिक देशों के निर्वाचन आयोगों के प्रतिनिधि भी भारत आएंगे और यहां की पारदर्शी और प्रभावी चुनाव व्यवस्था को देखेंगे। चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करते समय आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात कर उनके सुझाव प्राप्त किए। साथ ही जिलों के निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, महानिरीक्षकों, उपमहानिरीक्षकों और विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों के साथ भी बैठकें की गईं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लाखों निर्वाचन कर्मी और सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
ये भी पढ़ें इराक में अमेरिकी ईंधन भरने वाला विमान दुर्घटनाग्रस्त; चालक दल के चार सदस्यों की मौत , दो लापताआयोग प्रत्येक मतदाता को मतदान केंद्र पर सहज और सुरक्षित मतदान अनुभव उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ भी विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा बूथ स्तर अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य की सराहना की गई। आयोग ने युवा और प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं तथा मतदाता जागरूकता अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि ये पांच राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां होने वाले चुनाव केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और ‘विविधता में एकता’ की भावना को भी दर्शाते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे उत्साहपूर्वक मतदान करें।
उन्होंने कहा कि मतदान करना प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार और जिम्मेदारी है। आपका मत आपके राज्य और देश के भविष्य को आकार देता है। चुनाव आयोग ने बताया कि कई मतदान केंद्र अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में स्थापित किए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर असम में मतदान दल ब्रह्मपुत्र नदी पार करके और लंबी दूरी तय कर दूरस्थ गांवों तक पहुंचते हैं। केरल के इडुक्की जिले के आदिवासी क्षेत्र में भी मतदान कर्मियों को कठिन पहाड़ी रास्तों से गुजरकर मतदान केंद्र तक पहुंचना पड़ता है। आयोग ने कहा कि भारत में चुनाव केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र का उत्सव है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे इस लोकतांत्रिक पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।
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