मुजफ्फरनगर में दिव्यांग बच्चों को मिला सहारा, निशुल्क ट्राईसाइकिल और व्हीलचेयर पाकर खिले 70 चेहरे
मुजफ्फरनगर: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (नगरीय क्षेत्र) में शनिवार को जनपद के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों के लिए एक निशुल्क उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। एलिम्को कानपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 70 बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, डायट प्राचार्य विश्वदीपक त्रिपाठी और बाल कल्याण समिति सदस्य डॉ राजीव कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि रेनू श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है, और आज ये बच्चे सामान्य बच्चों की तरह शिक्षा ग्रहण कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ-साथ आस-पास के अन्य बच्चों का भी विद्यालयों में नामांकन कराने का आह्वान किया ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।
ये भी पढ़ें मुज़फ्फरनगर में मुठभेड़ के बाद पुलिस पर फायरिंग करने वाला रंगबाज गिरफ्तार; तितावी पुलिस की बड़ी कामयाबीडायट प्राचार्य विश्वदीपक त्रिपाठी ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग और एलिम्को के संयुक्त प्रयास से सभी प्रकार के दिव्यांग बच्चों को उपकरण प्रदान कर उनकी क्षमता और प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जा रहा है। डॉ राजीव कुमार ने बच्चों के शिक्षण को सुगम बनाने के लिए सहायक उपकरणों की व्यवस्था की सराहना की।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा सुशील कुमार ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि 70 बच्चों को दिए गए उपकरणों में 15 ट्राईसाइकिल, 16 व्हीलचेयर, तीन सीपी चेयर, 24 मानसिक दिव्यांग बच्चों को किट, 16 मूक-बधिर बच्चों को हियरिंग एड, दो रोलेटर और एक बैसाखी शामिल हैं। एलिम्को कानपुर से आए विशेषज्ञ पीएंडओ आगम आलोक और आडियोलॉजिस्ट सूरज कुमार ने अभिभावकों को उपकरणों के संचालन और रखरखाव की जानकारी दी।
शिविर को सफल बनाने में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डन बबीता के साथ ही स्पेशल एजुकेटर पूनम चौहान, रेनू, धर्मेंद्र, फरमान, रोशनलाल, इरशाद अहमद, आदित्य प्रकाश, अंगनपाल सिंह, रामनिवास, धर्मेंद्र कुमार एवं धर्मेंद्र स्वरूप जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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