मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत ने इंडिगो किराए में उछाल को बताया खुली लूट, श्री अन्न योजना पर भी सरकार को घेरा
मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इंडिगो एयरलाइंस में लगातार उड़ानें रद्द होने और किराए में अप्रत्याशित वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार की निजीकरण नीति पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि दिल्ली से जयपुर का किराया ₹88,000 होना सिर्फ इंडिगो का संकट नहीं, बल्कि मोदी सरकार की निजीकरण नीति की सच्चाई है, जिसके कारण जनता योजनाबद्ध तरीके से लूटी जा रही है।
अंडमान निकोबार एयरपोर्ट से एक वीडियो साझा करते हुए, टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या यह संकट इंडिगो को अडानी समूह जैसे किसी बड़े कारपोरेट को बेचने की तैयारी का हिस्सा है? उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर से लगातार देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी की उड़ानें बाधित हो रही हैं, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं और यह किसी सोची-समझी साजिश का संकेत देता है।
किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा:
किसान नेता ने इस दौरान किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की 'श्री अन्न' (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने की पहल से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि प्रमुख मक्का उत्पादक राज्यों में किसानों को अपनी फसल एमएसपी (₹2400 प्रति क्विंटल) से लगभग आधे दाम पर बेचनी पड़ रही है, जो उनकी लागत से भी कम है।
टिकैत ने जीएम मक्का के आयात की मांग का भी विरोध किया और कहा कि यह किसानों की बर्बादी का आयात होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश का किसान आज गारंटी कानून की मांग इसलिए कर रहा है, क्योंकि बाजार में फसल आते ही भाव एमएसपी से नीचे चला जाता है। उन्होंने इटावा के किसान अमित का उदाहरण दिया, जो अब खेती छोड़कर पार्ट-टाइम नौकरी करने को मजबूर है, यह कहते हुए कि यह आज पूरे देश के किसान का दर्द है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार नहीं जागी, तो यह दर्द जल्द ही एक बड़ा आंदोलन बनेगा।
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