मुजफ्फरनगर में असलहों से लैस भू-माफियाओं का हमला, मजदूरों ने गोदाम में छिपकर बचाई जान
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर शहर में कथित भू-माफियाओं के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। नगर कोतवाली क्षेत्र के खांजापुर काली नदी के पास बुधवार सुबह जमीन के रास्ते की सफाई कर रहे दो लोगों पर असलहों से लैस दबंगों ने हमला बोल दिया।
हमले के बाद मजदूरों को मौके से भगा दिया गया। अपनी जान बचाने के लिए पीड़ित नावेद और सोनू अपने जेसीबी ड्राइवर के साथ पास ही स्थित एक गोदाम में घुस गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इस पूरी वारदात का वीडियो पीड़ित ने खिड़की से बनाया और पुलिस को सौंपा, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
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जगह: नगर कोतवाली क्षेत्र, खांजापुर (काली नदी के निकट)।
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कार्यवाही: नावेद और सोनू अपने मजदूरों के साथ काली नदी पर स्थित अपनी जमीन के रास्ते की सफाई कर रहे थे।
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हमलावर: कथित भू-माफिया गुलजार, शम्सू और शम्सू के पुत्रों सहित अन्य हथियारबंद लोग मौके पर पहुँचे।
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हमले की प्रकृति: आरोप है कि हमलावरों ने नावेद और सोनू पर अवैध हथियारों से हमला किया। जान बचाने के लिए पीड़ितों ने पास के गोदाम में शरण ली।
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तोड़फोड़ और धमकी: हमलावरों ने गोदाम का गेट तोड़ने की कोशिश की, गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी दी। जब वे अंदर नहीं घुस पाए, तो उन्होंने बाहर खड़ी पीड़ितों की स्कूटी को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
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सबूत: नावेद ने गोदाम की जाली से पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद किया।
पुलिस कार्रवाई
पीड़ित पक्ष ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुँचते ही आरोपी फरार हो गए।
नगर कोतवाली पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए हमला और तोड़फोड़ की वीडियो फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ कोतवाली इंस्पेक्टर बबलू सिंह वर्मा का कहना है कि:
"आरोपियों की पहचान की पुष्टि हो चुकी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।"
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि काली नदी किनारे भूमि विवाद और भू-माफियाओं की गतिविधियाँ लंबे समय से बढ़ रही हैं, जिन पर प्रशासन को सख्ती से लगाम लगानी चाहिए।
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