मुजफ्फरनगर में राज्यमंत्री कपिल देव का एक्शन, श्रीराम कॉलेज मार्ग निर्माण में देरी पर अधिकारियों को फटकारा
मुजफ्फरनगर। सरकूलर रोड से श्रीराम कॉलेज को जोड़ने वाले अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग के लंबे समय से लंबित निर्माण कार्य में हो रही घोर लापरवाही पर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने भाजपा नेता गौरव स्वरूप के साथ पहले मौके पर पहुंचकर सड़क का स्वयं निरीक्षण किया, जिसके बाद गांधीनगर स्थित अपने आवास पर संबंधित विभागों के अधिकारियों की क्लास ली और उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
मंत्री ने निरीक्षण के दौरान रेलवे फाटक के समीप खुदी हुई सड़क, भीषण जलभराव और आवागमन में क्षेत्रवासियों को आ रही भारी कठिनाइयों को देखा। उन्होंने तुरंत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर बात की और सीजीएम रेलवे सहित उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि फाटक से संबंधित सभी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि सड़क निर्माण में कोई बाधा न रहे।
बैठक में, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जल निगम के अधिशासी अभियंता, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, सहायक अभियंता और अवर अभियंता (जेई) की लापरवाही पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देशित किया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जल निकासी की स्थायी, वैज्ञानिक और प्रभावी योजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में यह सड़क पुन: खराब न हो।
मंत्री ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी को भी दूरभाष पर निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य को अविलंब प्रारंभ कराया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही या टालमटोल बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ समस्त कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां