अमेरिका के मिनियापोलिस में प्रदर्शन जारी, 12 लोगाें को किया गिरफ्तार

लॉस एंजिल्स। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के सबसे बड़े शहर मिनियापोलिस में आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अभियानों के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को दी। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने कल कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में आईसीई विरोधी 12 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन जारी रहा और बिशप हेनरी व्हिपल फेडरल बिल्डिंग के बाहर भीड़ जमा होती रही।
ये भी पढ़ें मासिक धर्म पर विशेष अवकाश की मांग वाली याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने नीति बनाने का दिया सुझावअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर मिनेसोटा में शासन कर रहे डेमोक्रेट्स की आलोचना की। श्री ट्रम्प ने कहा, "गवर्नर और मेयर को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें, उन्होंने पूरी तरह से नियंत्रण खो दिया है। अगर मुझे कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा तो इसका समाधान शीघ्र एवं प्रभावी तरीके से किया जाएगा।" राष्ट्रपति ट्रम्प गुरुवार को मिनेसोटा में विद्रोह अधिनियम लागू करने की धमकी दी और कहा कि ऐसा करने से राज्य में चल रहे अन्याय का शीघ्र ही अंत हो जाएगा। ये प्रदर्शन राज्य में संघीय आईसीई एजेंटों से जुड़ी कई घटनाओं के बाद हो रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर राज्य के नेता विरोधों को नियंत्रित नहीं करते हैं तो वे इंसरेक्शन एक्ट के तहत सेना या संघीय बलों को बुला सकते हैं, विरोध प्रदर्शन संघीय एजेंटों के खिलाफ हुई घटनाओं के बाद हो रहे हैं। गौरतलब है कि इंसरेक्शन एक्ट अमेरिका का एक बहुत पुराना कानून है, जिसे 1792 में पारित किया गया था. इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि जब किसी राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ जाए और स्थानीय प्रशासन या अदालतें हालात संभालने में नाकाम हों, तब वह अमेरिकी सेना को तैनात कर सकता है।
गत सात जनवरी को, एक आईसीई एजेंट ने 37 वर्षीय महिला रेनी गुड की गोली मारकर हत्या कर दी, जिससे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि रेनी गुड कथित रूप से अपने वाहन से कानून प्रवर्तन अधिकारियों को कुचलने की कोशिश कर रही थी जबकि स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि वीडियो फुटेज से पता चलता है कि उसने कोई खतरा पैदा नहीं किया था और संबंधित एजेंट ने लापरवाही से कार्रवाई की।डीएचएस के अनुसार, बुधवार को एक आईईसी एजेंट ने एक वेनेजुएला नागरिक के पैर में गोली मार दी, जब दो अन्य लोगों और उस अप्रवासी ने जिसे वे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे उन पर घात लगाकर हमला किया।
लगभग एक सप्ताह में आईईसी से संबंधित दूसरी गोलीबारी की घटना के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने कहा कि शहर में स्थिति दीर्घकालिक नहीं है। डीएचएस ने एक्स पर पुष्टि किया कि आईईसी एजेंटों ने पिछले पांच हफ्तों में मिनेसोटा में 2,500 से अधिक गिरफ्तारियां की हैं। हाल के हफ्तों में लगभग 3,000 संघीय अधिकारियों को राज्य में तैनात किया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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