एसपी इंदू सिद्धार्थ ने साइबर सेल में दर्ज प्रकरणों का लिया हिसाब, शाहपुर और बुढ़ाना पहुंचकर जाना हाल
मुजफ्फरनगर: पुलिस अधीक्षक अपराध इंदू सिद्धार्थ ने गुरुवार को मुजफ्फरनगर जिले की शाहपुर और बुढ़ाना कोतवाली का औचक और विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से मिशन शक्ति केंद्र और साइबर सेल की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की और लंबित मामलों के निस्तारण का पूरा हिसाब लिया।
साइबर सेल पर विशेष फोकस: त्वरित कार्रवाई का आदेश
एसपी इंदू सिद्धार्थ ने साइबर सेल में दर्ज सभी शिकायतों और उनकी जांच प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने शिकायत रजिस्टर में दर्ज प्रकरणों की प्रविष्टियों की भी जांच की। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और जालसाजी पर लगाम लगाई जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि रजिस्टर का रखरखाव सुचारू और अद्यतन (up-to-date) रहे।
मिशन शक्ति केंद्र की समीक्षा: संवेदनशीलता पर जोर
इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक ने थाना शाहपुर स्थित मिशन शक्ति केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने महिला सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं, शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान प्रक्रिया, और शिकायत रजिस्टर की प्रविष्टियों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान, एसपी इंदू सिद्धार्थ ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। उन्होंने कार्य के दौरान अत्यंत संवेदनशीलता और प्रोफेशनल तरीके से पेश आने पर विशेष जोर दिया।
ये भी पढ़ें महाराष्ट्र के नागपुर में विस्फोटक निर्माण कंपनी एसबीएल में धमाका, 15 की मौत, 18 से अधिक मजदूर घायल इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान, थानाध्यक्ष शाहपुर मोहित चौधरी और बुढ़ाना कोतवाली के अधिकारी सुभाष अत्री प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां