स्क्रैप बिक्री में अव्वल है उत्तर रेलवे, 500 करोड़ के आंकड़े को किया पार

नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ने स्क्रैप बिक्री में 500 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार किया। उत्तर रेलवे ने स्क्रैप (कबाड़) निपटरण के मामले में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर भारतीय रेलवे की सभी क्षेत्रीय रेलों और उत्पादन इकाइयों में प्रथम स्थान हासिल किया है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बताया कि […]
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ने स्क्रैप बिक्री में 500 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार किया।
उत्तर रेलवे ने स्क्रैप (कबाड़) निपटरण के मामले में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर भारतीय रेलवे की सभी क्षेत्रीय रेलों और उत्पादन इकाइयों में प्रथम स्थान हासिल किया है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बताया कि 25 जनवरी तक बंद हुई नीलामी के पश्चात उत्तर रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 500.08 करोड़ रुपये की स्क्रैप बिक्री कर समस्त भारतीय रेलवे की सभी क्षेत्रीय रेलों और उत्पादन इकाइयों में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा प्राप्त कर प्रथम रैंक हासिल की है।
ये भी पढ़ें सरकार ने रोकी आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया, शेयरों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावटइस प्रक्रिया में उत्तर रेलवे ने कम समय लेते हुए 298 नीलामियों में 2826 लॉटस बेचे हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर रेलवे ने रेलवे बोर्ड के स्क्रैप बिक्री के निधारित लक्ष्य 460 करोड़ रुपए को इस वित्तीय वर्ष 2022-23 में तीन माह शेष रहते दिसंबर, 2022 में पहले ही हासिल कर लिया है।
आशुतोष गंगल ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर रेलवे ‘जीरो स्क्रैप’ स्थिति प्राप्त करने और इस वित्तीय वर्ष में सर्वकालिक उच्च स्क्रैप बिक्री रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए मिशन मोड में कार्यरत है।
इससे पहले उत्तर मध्य रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 12 जनवरी 2023 तक, स्क्रैप (कबाड़) बेचकर डिविजन ने कुल 200.83 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था।
वहीं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार रेलवे इस साल काफी मुनाफे में चल रही है। 19 जनवरी 2023 तक भारतीय रेलवे ने पिछले वित्त वर्ष के कुल राजस्व के आंकड़े को पार कर लिया था। उन्होंने ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में कुल राजस्व- 1,91,128 करोड़ रुपये अर्जित किए थे, जबकि इस वित्त वर्ष में अब तक 42,370 करोड़ रुपए अधिक राजस्व हासिल किए हैं।
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