बाजार खुलते ही औंधे मुँह गिरे शेयर, अडानी एंटरप्राइसिस शेयर आज 35% गिरा, जानिए गिरावट के प्रमुख कारण
Adani Enterprises के शेयरों में जारी बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है. कारोबार के दौरान इंट्राडे में इस शेयर में 35 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 1017 रुपए पर आ गया है. यह 52 हफ्तों का नया लो है. बीते तीन दिनों से लगातार इस शेयर (Adani Enterprises Shares) […]
Adani Enterprises के शेयरों में जारी बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है. कारोबार के दौरान इंट्राडे में इस शेयर में 35 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 1017 रुपए पर आ गया है. यह 52 हफ्तों का नया लो है. बीते तीन दिनों से लगातार इस शेयर (Adani Enterprises Shares) में इंट्राडे के दौरान 35-35 फीसदी की गिरावट आ रही है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद ग्रुप का मार्केट कैप आधा हो चुका है. 24 जनवरी को अदानी ग्रुप का मार्केट कैप (Adani Group Market Cap) 19.4 लाख करोड़ का था. अब यह घटकर 9.4 लाख करोड़ पर आ गया है. इस तरह ग्रुप के निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपए डूब गए हैं.
Adani Enterprises के शेयरों में आज की गिरावट के दो प्रमुख कारण हैं. NSE ने ग्रुप की तीन कंपनियों को ASM लिस्ट में डाला है. ये तीन कंपनियां अदानी एंटरप्राइजेज, अंबुजा सीमेंट्स और अदानी पोर्ट है. ASM में शामिल करने का मकसद शेयरों में उतार-चढ़ाव को कम करना है. साथ ही इन स्टॉक्स पर निगरानी भी बढ़ जाएगी. इसके अलावा अदानी एंटरप्राइजेज को डाओ जोन्स सस्टेनिबिलिटी इंडाइसेज (Dow Jones Sustainability Indices) से बाहर निकाला गया है.
हिंडनबर्ग रिपोर्ट 24 जनवरी को आई थी. उसके बाद से ग्रुप के सभी शेयरों पर भारी दबाव है. 24 जनवरी को अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर करीब 3500 रुपए का था. अब यह घटकर 1000 रुपए पर आ गया है. कुल मिलाकर दस दिनों में इसके शेयर में करीब 75 फीसदी की गिरावट आई है. इस दौरान Adani Group का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए घट गया है.
ASM लिस्ट में आने के बाद कई ब्रोकर्स ने अदानी ग्रुप के शेयरों (Adani Group Stocks) के लिए मार्जिन बढ़ा दिया है. हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अदानी एंटरप्राइजेज और ग्रुप को लेकर डेवलपमेंट पर फोकस करें तो 24 जनवरी को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई. 27-31 जनवरी के बीच 20 हजार करोड़ का एफपीओ खुला. इसे पूरा सब्सक्रिप्शन मिला, लेकिन इसे वापस लिए जाने का फैसला लिया गया.
इस बीच क्रेडिट सुईस और सिटी ग्रुप ने अदानी ग्रुप के बॉन्ड और सिक्यॉरिटीज की वैल्यु जीरो कर दी और मार्जिन लोन देने से मना कर दिया. रिजर्व बैंक ने भी बैंकों से अदानी ग्रुप के एक्सपोजर को लेकर डीटेल मांगी है. NSE ने ASM में डालकर शेयरों में जारी पतन को रोकने का प्रयास किया है. ये तमाम प्रयास अब तक असफल दिख रहे हैं.
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