गाजियाबाद में तरावीह की नमाज के बाद दो पक्षों में खूनी संघर्ष, गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
गाजियाबाद। जिले के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित झुंडपुरा इलाके में बुधवार की रात मामूली विवाद ने बड़े सांप्रदायिक तनाव और हिंसक झड़प का रूप ले लिया। तरावीह की नमाज के बाद करीब 9:30 बजे दो गुटों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
बच्चों के विवाद से भड़की हिंसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत जीशान पक्ष के 8 साल के बच्चे को परेशान करने से हुई। बच्चा दुकान के बाहर कोल्डड्रिंक पी रहा था, तभी रहीसुद्दीन पक्ष के कुछ युवकों ने उसे कथित तौर पर परेशान किया। बच्चे ने घर जाकर इसकी शिकायत की, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से पथराव और मारपीट शुरू हो गई।
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इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने रहीसुद्दीन पक्ष की तहरीर पर जीशान, फैसल, आलीशान और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, जीशान पक्ष का आरोप है कि करीब 25 से 30 लोगों ने उनके घर पर लाठी-डंडों से चढ़ाई की और बेरहमी से पिटाई की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी सुनने के बजाय उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
गर्भवती महिला के साथ भी मारपीट
जीशान पक्ष की कहकशा नामक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उसे भी नहीं बख्शा और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित परिवार रात भर थाने में मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला।
सीसीटीवी और वीडियो की जांच जारी
मसूरी थाना पुलिस का कहना है कि रहीसुद्दीन पक्ष को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके आधार पर प्राथमिक कार्रवाई की गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दोनों तरफ से हिंसा देखी जा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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