गाजियाबाद: नगर निगम ने तेज किया दुकानों के किराए की वसूली का अभियान, 5 साल पुराना विवाद सुलझा

गाजियाबाद। नगर निगम ने शहर की व्यावसायिक संपत्तियों और दुकानों से किराए की वसूली के लिए व्यापक अभियान छेड़ दिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के कुशल निर्देशन में 5 वर्षों से लंबित और विवादित चल रहे दुकानों के किराए के प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण कर लिया गया है। इस समाधान के बाद अब व्यापारी वर्ग स्वयं आगे आकर निर्धारित किराए को जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुँच रहे हैं।
नगर निगम प्रशासन ने कुल 1702 दुकानों से बकाया और वर्तमान किराए की वसूली को गति देने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत पुरानी तहसील घंटाघर पर एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया है, जहाँ व्यापारी आसानी से अपना किराया जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नगर निगम मुख्यालय में भी किराए की राशि जमा करने के लिए काउंटर सक्रिय किए गए हैं, जहाँ व्यापारियों की अच्छी-खासी भीड़ जुट रही है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि दुकानों के किराए से लगभग 6 से 8 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक इस अभियान के तहत करीब 10 लाख रुपये की प्रारंभिक वसूली की जा चुकी है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि 5 साल से विवादित चल रहे किराए के विषय को समिति के माध्यम से सुलझा लिया गया है, जिससे व्यापारियों में स्पष्टता आई है।
व्यापारी वर्ग की भूमिका की सराहना करते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि 1702 दुकानों के आवंटियों और कियोस्क संचालकों द्वारा निर्धारित दर पर किराया जमा करने में पूरा सहयोग मिल रहा है। व्यापारियों के इस सकारात्मक रुख से निगम की आय में वृद्धि होगी, जिसका उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जाएगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह वसूली अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि सभी लंबित देयकों का समयबद्ध निपटारा हो सके।
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