गाजियाबाद विकास प्राधिकरण: संशोधित डीपीआर का प्रस्तुतीकरण; उपाध्यक्ष ने दिए नीति के अनुरूप विकास और समयबद्धता के निर्देश

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) कार्यालय में मंगलवार को राज्य सरकार की एकीकृत टाउनशिप नीति (इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति, 2005/2014 एवं अद्यतन प्राविधान) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विकासकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की गई संशोधित डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) का गहन अवलोकन और प्रस्तुतीकरण किया गया। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य इन परियोजनाओं को शासन की मंशा के अनुरूप गति देना और शहरी विकास को नए आयाम प्रदान करना है।
ये भी पढ़ें गाजियाबाद में बड़ा जासूसी नेटवर्क का खुलासा, देश विरोधी गतिविधियों में शामिल 3 और आरोपी गिरफ्तार बैठक के दौरान विभिन्न विकासकर्ताओं ने अपनी परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति, प्रस्तावित संशोधनों और नई नीति के प्रावधानों के तहत किए जाने वाले विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा पेश किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने प्रस्तुतीकरण का बारीकी से निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर किसी भी स्तर पर नीतिगत शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि समस्त कार्यवाही शासन द्वारा निर्धारित कड़े दिशा-निर्देशों के दायरे में ही सुनिश्चित की जाए।
ये भी पढ़ें ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्ची को बेचने के आरोप में अस्पताल की मालकिन व दो कर्मचारी गिरफ्तार, दो फरारजीडीए उपाध्यक्ष ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों और विकासकर्ताओं को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि संशोधित डीपीआर को आधार बनाकर अब इन परियोजनाओं में तेजी लाई जाएगी, ताकि संबंधित क्षेत्रों का नियोजित विकास हो सके। प्राधिकरण का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं और बुनियादी ढांचा समय पर उपलब्ध हो सके।
प्राधिकरण की ओर से यह भी साफ किया गया कि सभी विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर और नियमानुसार संपादित किए जाएंगे। टाउनशिप नीति के तहत होने वाले इन बदलावों से जनहित को अधिकतम लाभ पहुँचाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें ताकि विकास कार्यों में कोई व्यवधान न आए और गाजियाबाद के शहरी विस्तार को एक व्यवस्थित स्वरूप दिया जा सके।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

टिप्पणियां