गाजियाबाद की हवा खतरनाक, AQI 400 पार – प्रशासन ने लागू किया ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान
गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर के साथ गाजियाबाद की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 तक पहुँच गया है, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। इससे बुजुर्ग, दमे और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।
कम हवा की गति और ठंड के कारण प्रदूषण शहर में नीचे फँस गया है। निर्माण कार्यों की धूल, वाहनों का धुआँ और औद्योगिक उत्सर्जन भी हवा जहरीली होने के मुख्य कारण हैं।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिला अधिकारी ने अधिकारियों की बैठक बुलाई। जिलाधिकारी ने बताया कि गाजियाबाद में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत ग्रेड 3 लागू किया गया है। इसके अंतर्गत निर्माण कार्यों और खुले में जलाने पर रोक लगाई गई है। सभी विभागों को आदेश दिया गया है कि इसका सख्ती से पालन कराया जाए।
ये भी पढ़ें गाजियाबाद पुलिस की बड़ी उपलब्धि: डेढ़ करोड़ के 555 मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए, खिले चेहरेजिलाधिकारी ने नागरिकों से भी सावधानी बरतने को कहा। बुजुर्ग और दमे के मरीज एन95 मास्क पहनें, सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचें, घर की खिड़कियाँ बंद रखें और एयर प्यूरीफायर या अन्य उपायों से हवा शुद्ध करें। छोटे बच्चों में भी यदि किसी को सांस संबंधी परेशानी है, तो माता-पिता उन्हें स्कूल न भेजें।
नगर निगम और अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे जगह-जगह पानी का छिड़काव और स्मोक गन का इस्तेमाल कर प्रदूषण को कम करने में मदद करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन और नागरिकों को मिलकर प्रदूषण पर सख्त कदम उठाने होंगे, वरना आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां