सीबीआई ने आयुध निर्माणी सेवा अधिकारी के ठिकानों की ली तलाशी, लगभग 55 लाख रुपये के गहने और नकदी जब्त
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय आयुध निर्माणी सेवा (आर्डिनेंस फैक्ट्री सर्विस) के अधिकारी अमित सिंह के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर शुक्रवार को पांच परिसरों पर तलाशी ली। तलाशी में 49 लाख रुपये के आभूषण, 5 लाख रुपये नकद तथा संपत्ति संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए।
सीबीआई के अनुसार, अमित सिंह बैच 1998 के अधिकारी हैं। वह वर्ष 2022 से 2025 के दौरान हजरतपुर, फिरोजाबाद स्थित आयुध उपकरण निर्माणी हजरतपुर में मुख्य महाप्रबंधक के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती कानपुर स्थित ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड प्रशिक्षण अकादमी में है। एजेंसी ने बताया कि उनके खिलाफ 26 फरवरी को मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि 1 अप्रैल 2022 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि में उन्होंने अपनी ज्ञात आय से 55.58 लाख रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की, जो उनकी वैध आय से 73.28 प्रतिशत अधिक है।
ये भी पढ़ें बागपत: देवर ने ईंट से कूचकर भाभी की निर्मम हत्या की, फिर उठाया ये कदम, पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज मामला दर्ज करने के बाद सक्षम न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किए गए। 27 फरवरी को आगरा, लखनऊ, बरेली और कानपुर स्थित पांच आवासीय एवं कार्यालय परिसरों पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, बैंक पासबुक, ऋणपत्र, क्रेडिट कार्ड तथा वाहन संबंधी अभिलेख बरामद किए गए। जांच में आगरा, लखनऊ और बरेली में तीन आवासीय संपत्तियों का विवरण मिला। आगरा स्थित फ्लैट वर्ष 2025 में तथा लखनऊ स्थित फ्लैट वर्ष 2023 में क्रय किया गया था। विभिन्न निवेश और व्यय से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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