पुलिस और पव्वा गैंग के 2 शातिर झपटमार, फोन छीनने वाले बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना पुलिस और पव्वा गैंग के दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल बरामद किए हैं यह शातिर मोबाइल लुटेरे हैं और इनके ऊपर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। थाना बिसरख पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के गौर सिटी-1 चौकी से चौकी राईस सिटी की […]
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना पुलिस और पव्वा गैंग के दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल बरामद किए हैं यह शातिर मोबाइल लुटेरे हैं और इनके ऊपर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
थाना बिसरख पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के गौर सिटी-1 चौकी से चौकी राईस सिटी की तरफ पुश्ता रोड पर चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति को रुकने का इशारा किया। जिस पर दोनों व्यक्ति वापस मुड़कर भागने लगे, जिनका पीछा करने पर दोनों व्यक्ति मोटरसाइकिल से उतरकर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से अवैध तमंचों से फायर करने लगे। पुलिस ने भी जवाबी करवाई की। जिसमें दोनों बदमाशों को गोली लगने के कारण घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को बदमाशों के कब्जे से स्नैच किये हुए 6 मोबाइल फोन, दो अवैध तमंचे, 3 जिन्दा व 2 खोखा .315 बोर व 1 बाइक बरामद की है। दोनों बदमाश पव्वा गैंग के सक्रिय सदस्य हैं, जो झपटमारी/फोन छीनने का अपराध करते हैं।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां