नोएडा: लिफ्ट हादसों पर डीएम सख्त, 2 दिन में मांगी सभी लिफ्टों की कुंडली; नियम तोड़ने वाली कंपनियां होंगी ब्लैकलिस्ट
डीएम मेधा रूपम की समीक्षा बैठक: अस्पताल, स्कूल और सोसायटियों में लिफ्ट रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्यवाही
नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ऊंची इमारतों में आए दिन होने वाले लिफ्ट हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। मंगलवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में 'उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम 2024' को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने साफ कर दिया कि लिफ्ट संचालन में लापरवाही बरतने वाली कंपनियों को न केवल भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
2 दिन के भीतर देनी होगी पूरी सूची बैठक के दौरान डीएम ने सभी लिफ्ट मैनुफैक्चरिंग कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडरों को कड़ा निर्देश दिया कि वे जनपद में स्थापित अपनी सभी लिफ्टों की विस्तृत सूची दो दिनों के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय और विद्युत सुरक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष अभियान चलाकर सोसायटियों, अस्पतालों, स्कूलों, होटलों और औद्योगिक भवनों में लगी लिफ्टों के रजिस्ट्रेशन और एएमसी (AMC) विवरण की सघन जांच की जाए।
अत्यधिक शुल्क वसूलने पर भी कसेगा शिकंजा प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ सोसायटियों और उद्योगों से लिफ्ट रजिस्ट्रेशन और एएमसी के नाम पर कंपनियां अत्यधिक शुल्क वसूल रही हैं। इस पर डीएम ने सख्त हिदायत दी कि शुल्क नियमानुसार ही रखा जाए। यदि कोई कंपनी मनमाना पैसा वसूलती पाई गई, तो उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लापरवाही की तो खैर नहीं: ब्लैकलिस्ट की तैयारी जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी लिफ्ट निर्माता कंपनी या एएमसी प्रोवाइडर द्वारा रखरखाव, संचालन या रजिस्ट्रेशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई, तो संबंधित फर्म को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम 2024 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे, एसडीएम दादरी अनुज नेहरा, एसडीएम जेवर दुर्गेश सिंह और सहायक निदेशक (विद्युत सुरक्षा) रमेश कुमार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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