…मेरे खिलाफ बोलने वाला अपनी पार्टी का नेता बनेगा, जनता का नहीं : नीतीश
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके विरुद्ध बयानबाजी करने वालों पर कटाक्ष करते हुए आज कहा कि उनके खिलाफ बोलने वाला केवल अपनी पार्टी का नेता बन पाएगा, जनता का नहीं। कुमार ने शुक्रवार को यहां जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमें उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं […]
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके विरुद्ध बयानबाजी करने वालों पर कटाक्ष करते हुए आज कहा कि उनके खिलाफ बोलने वाला केवल अपनी पार्टी का नेता बन पाएगा, जनता का नहीं।
कुमार ने शुक्रवार को यहां जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमें उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं के पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह द्वारा सरकार को किसान विरोधी बताने के सवाल पर कहा कि क्यों किसी के बयान का नोटिस लिया जा रहा है। ये सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है।
ये भी पढ़ें भारत-पाक मैच : पटना में फैंस उत्साहित, महाशिवरात्रि पर विशेष अंदाज में की टीम की विजय कामनाकृषि रोडमैप बनाकर कृषि के क्षेत्र में विकास के कई काम किए गए हैं। हर क्षेत्र में तरक्की हुई है। बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए हमलोग लगातार काम करते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में विकास किया जा रहा है। किसी को कुछ बोलना है वो बोलता रहे उस बयान का कोई मतलब नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरू से ही कब क्या-क्या काम किया है, किन-किन क्षेत्रों में कितना काम किया है पता कर लें। शहर और गांव में कितना विकास हुआ है सब दिख रहा है। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों के बल पर राज्य में विकास का काम किया है।
उन्होंने कहा, “कोई मेरे खिलाफ बोलेगा तो अपनी पार्टी का नेता बनेगा, जनता का नेता नहीं बनेगा। हमलोग साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जनता के हित में काम कर रहे हैं। हमलोगों के खिलाफ कोई बोलता है तो बोलता रहे।”
कुमार ने संसद में गौतम अडाणी को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग से संबंधित प्रश्न के उत्तर में कहा कि कहीं कोई घटना घटती है तो संसद सदस्यों को अपनी बातों को रखने का अधिकार है। जब वह भी विपक्ष में थे तब उस समय की सरकार उन लोगों की बातों को सुनती थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वह मंत्री थे तो वाजपेयी विरोधियों की भी बात सुनते थे।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां