अमृतसर में स्कूलों और शताब्दी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी, परिसरों की सघन जांच
अमृतसर। अमृतसर में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। शहर के एक या अधिक स्कूलों को धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई है। साथ ही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृतसर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूल प्रशासन को सूचना मिलते ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। कई जगहों पर छात्रों को सुरक्षित निकाला गया और परिसर की जांच के लिए बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) बुलाया गया।
अभिभावकों को सूचित किया गया कि वे अपने बच्चों को घर ले जाएं, जिससे स्कूलों के बाहर भीड़ जमा हो गई। यह पहली बार नहीं है जब अमृतसर के स्कूलों को ऐसी धमकियां मिली हैं। इससे पहले भी कई बार शहर के विभिन्न स्कूलों को इसी तरह के बम धमकी वाले ईमेल प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर मामलों में जांच के बाद धमकियां झूठी साबित हुईं। पंजाब के अन्य शहरों जैसे चंडीगढ़, जालंधर और पटियाला में भी हाल के महीनों में स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी भवनों को इसी तरह की धमकियां मिली हैं, जो अक्सर होक्स (झूठी) निकलती हैं।
इन घटनाओं से लोगों में दहशत फैलती है और सुरक्षा बलों को भारी संसाधन लगाने पड़ते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। भले ही पहले के मामले फर्जी साबित हुए हों। साइबर सेल सक्रिय रूप से ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जांच जारी है। ऐसी घटनाएं बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की चिंता को बढ़ाती हैं, इसलिए प्रशासन हरसंभव कदम उठा रहा है ताकि कोई अनहोनी न हो।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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