अजित पवार विमान हादसे की जांच पर संजय राउत के गंभीर सवाल, कहा- एजेंसियां समझौता कर चुकी हैं
मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने गुरुवार को जांच पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया। उन्होंने एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार के 'षड्यंत्र' और 'तोड़फोड़' के आरोपों का भी समर्थन किया।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संजय राउत ने केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों को घेरा। उन्होंने कहा, "इस राज्य और देश की जांच एजेंसियां समझौता कर चुकी हैं। चाहे ईडी हो, सीबीआई हो, आईबी हो या राज्य पुलिस, जनता का इन पर से भरोसा उठ चुका है।"
राउत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में बड़े मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं होती। जांच लगातार सत्ता में बैठे लोगों को बचाने के लिए पक्षपातपूर्ण तरीके से की जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हादसे में शामिल विमान गुजरात से आया था, जिससे लोगों के मन में संदेह पैदा हुआ है। लोगों का शक करना स्वाभाविक है। जिस विमान में अजित दादा सवार थे, वह भी गुजरात से आया था। अहमदाबाद विमान हादसे को देखिए, लगभग 300 लोग मारे गए, लेकिन उसकी जांच का क्या हुआ? कोई बता सकता है कि वह विमान कैसे गिरा? उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जांच एजेंसियों पर भरोसा करने की अपील को खारिज करते हुए यह सवाल उठाया।
राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी अपील की कि वे रोहित पवार के आरोपों को गंभीरता से लें और उन्हें राजनीतिक बयानबाजी कहकर खारिज न करें। रोहित पवार तथ्यों के साथ विस्तृत जानकारी रख रहे हैं। अगर अजित दादा के निधन पर शोक सच्चा है, तो शिंदे को रोहित पवार और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक बुलानी चाहिए। एजेंसियां काम कर रही हैं, जैसे सच से बचने का तरीका है।
उन्होंने हाल ही में एनसीपी नेताओं सुनेत्रा पवार (जो उपमुख्यमंत्री भी हैं) और प्रफुल्ल पटेल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात का भी जिक्र किया।
राउत ने कहा कि तस्वीरों से सौहार्दपूर्ण चर्चा का संकेत मिलता है, लेकिन अफसोस है कि विमान हादसे की जांच को प्राथमिकता मिलती नहीं दिखी। अगर इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाता, तो जांच को असली गति मिल सकती थी।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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