मथुरा: हरियाणा का ईनामी सरपंच 'रविंद्र हाथी' साथियों समेत बरसाना से गिरफ्तार
गणतंत्र दिवस के दिन रेवाड़ी जिले में सरपंच प्रतिनिधि पर किया था बर्बर हमलार

मथुरा। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में भालखी गांव के सरपंच प्रतिनिधि पर हुए बर्बर हमले के मुख्य आरोपी और 5 हजार रुपये के इनामी अपराधी, माजरा गांव के सरपंच रविंद्र हाथी को पुलिस ने दबोच लिया है। धारूहेड़ा सीआईए टीम ने एक साहसिक ऑपरेशन के दौरान आरोपी सरपंच और उसके तीन साथियों को उत्तर प्रदेश के बरसाना से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
रेवाड़ी के डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि 26 जनवरी को भालखी गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्रपर रंजिशन बर्बर हमला किया था, जिसमें पिस्तौल की मैग्जीन गिरने से उसकी जान तो बच गई थी, लेकिन सुरेंद्र को एक टांग गंवानी पड़ी। इस वारदात के बाद से ही मुख्य आरोपी रविंद्र हाथी फरार था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए मोबाइल फोन बंद कर दिया था। धारूहेड़ा सीआईए प्रभारी योगेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जाल के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की और आखिरकार यूपी के बरसाना से उसे धर दबोचा। उसके साथ राजस्थान निवासी रवि, सचिन और नवीन को भी गिरफ्तार किया गया है।
सीवर के पानी से शुरू हुआ था विवाद
इस खूनी रंजिश की जड़ माजरा की ढाणी में सीवर के गंदे पानी की निकासी को लेकर हुआ विवाद था। 19 जनवरी को दोनों पक्षों में विवाद हुआ, जिसके बाद सरपंच रविंद्र के गुर्गों ने सुरेंद्र के घर पर तोड़फोड़ की। 26 जनवरी को जब सुरेंद्र स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह से लौट रहे थे, तब माजरा आरओबी (ROB) के पास करीब आधा दर्जन गाड़ियों में सवार हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी।
मैग्जीन गिरने से टला बड़ा हादसा
डीएसपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि हमले के दौरान आरोपियों ने सुरेंद्र पर गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि ऐन वक्त पर पिस्तौल की मैग्जीन बाहर गिर गई और फायर नहीं हो सका। हालांकि, धारदार हथियारों से किए गए प्रहार इतने घातक थे कि डॉक्टरों को इलाज के दौरान सुरेंद्र की एक टांग काटनी पड़ी।
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गिरफ्तार सरपंच रविंद्र हाथी का लंबा आपराधिक इतिहास है, उस पर आर्म्स एक्ट और मारपीट के 7 मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब रिमांड के दौरान उन लोगों की तलाश करेगी जिन्होंने आरोपियों को फरारी के दौरान पनाह दी थी। पुलिस स्पष्ट कर चुकी है कि शरण देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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