हवाई जहाज के शौचालय में सिगरेट पीती पकड़ी गयी ऐश्वर्या राय, एयरपोर्ट पुलिस ने भेजा जेल !
रांची। मुंबई से रांची आ रहे इंडिगो के विमान के शौचालय में सिगरेट पीते हुए ऐश्वर्या राय को एयरपोर्ट थाना पुलिस ने जेल भेज दिया है। गुरुवार को विमान के रांची एयरपोर्ट पर लैंडिंग के उपरांत महिला को इंडिगो के कर्मियों द्वारा एयरपोर्ट थाना रांची को सुपुर्द किया गया था। इंडिगो एयरलाइंस के प्रबंधक के […]
रांची। मुंबई से रांची आ रहे इंडिगो के विमान के शौचालय में सिगरेट पीते हुए ऐश्वर्या राय को एयरपोर्ट थाना पुलिस ने जेल भेज दिया है। गुरुवार को विमान के रांची एयरपोर्ट पर लैंडिंग के उपरांत महिला को इंडिगो के कर्मियों द्वारा एयरपोर्ट थाना रांची को सुपुर्द किया गया था।
इंडिगो एयरलाइंस के प्रबंधक के आवेदन के आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
जमशेदपुर निवासी आरोपी युवती ऐश्वर्या राय मुंबई एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को धूल झोंककर माचिस और सिगरेट के साथ जहाज में सफर कर रही थी। ऐश्वर्या को इंडिगो के कर्मचारियों ने उस समय पकड़ा जब वह फ्लाइट के बाथरूम में सिगरेट पी रही थी। सिगरेट की गंध मिलने के बाद इंडिगो की महिला कर्मचारियों ने ऐश्वर्या की तलाशी ली तो उसके पास से सिगरेट और माचिस की डिबिया बरामद की गई। फ्लाइट ने जब रांची एयरपोर्ट पर लैंड किया तब इंडिगो कर्मियों ने सीआईएसएफ को पूरे मामले की जानकारी दी।
सीआईएसएफ ने ऐश्वर्या को पकड़ कर राँची के एयरपोर्ट थाने की पुलिस को सौप दिया। ऐश्वर्या खुद को ब्लॉगर बताती है। उसने दावा किया है कि उसने शाहरुख खान की फिल्म पठान को लेकर एक ब्लॉग लिखा था। उसी सिलसिले में वह शाहरुख खान से मिलने के लिए मुंबई गई थी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां