होलिका दहन 2026 पर करें ये खास उपाय, बच्चों की बुरी नजर होगी दूर, घर में आएगी सुख शांति और सकारात्मक ऊर्जा
होली की रात जब होलिका दहन की अग्नि आसमान को छूती है तब केवल लकड़ियां ही नहीं जलतीं बल्कि लोग अपने डर चिंता और नकारात्मक ऊर्जा को भी उसी अग्नि में समर्पित कर देते हैं। Holika Dahan 2026 को परंपरा और आस्था का सुंदर मेल माना जाता है। खासकर माता पिता के लिए यह रात बहुत खास होती है क्योंकि मान्यता है कि इस पवित्र अग्नि से बच्चों की बुरी नजर भी उतारी जा सकती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
होलिका दहन और आस्था का गहरा संबंध
पौराणिक कथाओं के अनुसार भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए ईश्वर ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था। होलिका का दहन उसी विजय का प्रतीक माना जाता है। तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि इस अग्नि में नकारात्मक शक्तियां भस्म हो जाती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक लोग आज भी होलिका की अग्नि को शुद्ध और शक्तिशाली मानते हैं। कई घरों में यह रात बच्चों की नजर उतारने और परिवार की खुशहाली के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बच्चों को लगी बुरी नजर के संकेत
अक्सर देखा जाता है कि बच्चा अचानक बिना कारण रोने लगता है या दूध पीने से मना कर देता है। कई बार वह रात में डरकर उठ जाता है या चिड़चिड़ा हो जाता है। बड़े बुजुर्ग इसे नजर का प्रभाव मानते हैं।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: अर्चक पुरोहित संघ ने होली और ग्रहण पर संशय किया दूर, इस दिन होगा होलिका दहन !कुछ माता पिता यह भी अनुभव करते हैं कि किसी खुशी के मौके के बाद बच्चा बीमार पड़ जाता है या उसे बुखार और उल्टी जैसी परेशानी हो जाती है। पारंपरिक मान्यताओं में इसे भी बुरी नजर से जोड़कर देखा जाता है।
होलिका दहन 2026 पर करें ये पारंपरिक उपाय
होलिका दहन की अग्नि जलने से पहले या बाद में सरसों नमक और सात साबुत लाल मिर्च लेकर बच्चे के सिर से सात बार घुमाएं और फिर अग्नि में समर्पित कर दें। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और बच्चा राहत महसूस करता है।
एक साबुत नारियल बच्चे के ऊपर से उतारकर होलिका में अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। यह उपाय शांत मन से और बच्चे का नाम स्मरण करते हुए किया जाता है। कई परिवारों में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
काली उड़द और कपूर को साथ लेकर बच्चे की नजर उतारकर अग्नि में डालने की भी मान्यता है। कपूर का धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है ऐसा विश्वास किया जाता है।
आस्था के साथ समझदारी भी जरूरी
होलिका दहन आस्था और विश्वास का पर्व है जो परिवार को एक साथ जोड़ता है। जब पूरा परिवार अग्नि के चारों ओर खड़ा होता है तो मन में सकारात्मक भाव पैदा होते हैं और रिश्तों में विश्वास मजबूत होता है।
फिर भी यह जरूरी है कि अगर बच्चा लगातार बीमार हो या गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह ली जाए। आस्था और चिकित्सा दोनों का संतुलन ही सही रास्ता है।
Holika Dahan 2026 सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि अपने मन की नकारात्मकता को त्यागकर नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने का अवसर है। इस पावन रात पर विश्वास और प्रेम के साथ किया गया हर छोटा प्रयास मन को सुकून देता है।
Disclaimer यह लेख पारंपरिक मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
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