ब्रिटेन में खालिस्तानियों के खिलाफ एक्शन, रेहल और बब्बर अकाली लहर समूह की संपत्ति फ्रीज करने का ऐलान
नई दिल्ली। ब्रिटेन ने भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल खालिस्तानी समूह के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए गुरप्रीत सिंह रेहल की संपत्ति फ्रीज करने और निदेशक अयोग्यता (डायरेक्टर डिसक्वालिफिकेशन) की घोषणा की है। गुरप्रीत सिंह रेहल पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने का आरोप है।
ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय, एचएम ट्रेजरी ने खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने और समर्थन करने के लिए रेहल या बब्बर अकाली लहर नाम के समूह के खिलाफ उनकी संपत्ति फ्रीज करने की घोषणा की है। ये प्रतिबंध ब्रिटेन में सभी व्यक्तियों और संस्थाओं को बब्बर अकाली लहर से जुड़े व्यक्तियों द्वारा स्वामित्व, नियंत्रण या उनके लिए रखे गए किसी भी फंड या आर्थिक संसाधन के साथ लेन-देन करने से रोकते हैं। ब्रिटेन ने यह फैसला काउंटर टेररिज्म (सैंक्शंस) (ईयूएग्जिट) रेगुलेशंस 2019 के तहत ये फैसला सुनाया है। ब्रिटेन वित्त मंत्रालय की ओर से उठाए गए इस कदम के बाद किसी भी तरह की वित्तीय सेवा, फंड या आर्थिक संसाधन उन्हें उपलब्ध कराना प्रतिबंधित है। यह रोक उन सभी संस्थाओं पर भी लागू होगी, जिन पर वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मालिकाना हक या नियंत्रण रखते हैं। ये तब तक लागू रहेगा, जब तक एचएम ट्रेजरी अपना आदेश बदल न दे।
रेहल की कंपनियों सेविंग पंजाब सीआईसी, वाइटहॉक कंसल्चटेशंस लिमिटेड और अनइनकॉर्पोरेटेड संगठन लोहा डिजाइन्स पर भी ये प्रतिबंध लागू होगा। इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर सात साल की कैद या 10 लाख पाउंड तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ब्रिटेन में पहली बार खालिस्तानी समूह की फंडिंग को रोकने के लिए काउंटर टेररिज्म रिजीम का इस्तेमाल किया गया है। एचएम ट्रेजरी का कहना है कि रेहल आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। खालसा और अकाली लहर पर आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देने, संगठन में भर्ती गतिविधियां करने, उन्हें आर्थिक सेवा देने और हथियार खरीदने का आरोप है। बब्बर खालसा, जिसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। एचएम ट्रेजरी ने बब्बर अकाली लहर को नियमों के तहत इसमें शामिल व्यक्ति माना है।
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