UN में अमेरिका की दहाड़: ईरान के खिलाफ कार्रवाई को बताया सही; कहा- सुरक्षा शर्तों पर निर्भर नहीं
खामेनेई की मौत और सैन्य हमलों को आत्मरक्षा बताया। जानें यूएन में क्या हुई बहस
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में भीषण हमलों के बीच संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का नया बयान सामने आया है। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि यूएस के साथियों की सुरक्षा 'शर्तों पर निर्भर नहीं है।' अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग के दौरान ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का बचाव किया। अमेरिकी दूत माइक वाल्ट्ज ने कहा, "ईरान का एडवांस्ड मिसाइल क्षमता की लगातार कोशिश करना और डिप्लोमैटिक मौकों के बावजूद न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने से इनकार करना, एक गंभीर और बढ़ता हुआ खतरा है।" ईरान के न्यूक्लियर हथियार हासिल करने को लेकर अमेरिकी दूत ने यूएस की सोच को एक बार फिर से दोहराया और कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने लंबे समय से एक आसान और जरूरी सिद्धांत की पुष्टि की है।
ये भी पढ़ें आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उठाई जिले का नाम बदलने की मांग, बोले— "मुजफ्फरनगर का नाम हो लक्ष्मी नगर"ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकता। यह सिद्धांत राजनीति का मामला नहीं है। यह वैश्विक सुरक्षा का मामला है और इसी मकसद से, अमेरिका कार्रवाई कर रहा है।" वाल्ट्ज ने तर्क दिया कि वॉशिंगटन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बार-बार डिप्लोमैटिक कोशिशें की थीं, लेकिन उन्होंने ईरान को उनके पालन न करने के लिए दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, "अमेरिकी डिप्लोमेसी की कोशिश बार-बार और अच्छी नीयत से की गई। डिप्लोमेसी तब सफल नहीं हो सकती, जब हमला रोकने की कोई सच्ची इच्छा न हो, जहां शांति के लिए कोई सच्चा साझेदार न हो।" उन्होंने ईरान पर परिषद की विश्वसनीयता कम करने का आरोप लगाया और कहा, "दुख की बात यह है कि यही सरकार आज हमें मानवाधिकार और कानून के राज के बारे में भाषण देने की कोशिश करेगी।
इस काउंसिल में इसकी मौजूदगी यूएन का मजाक उड़ाती है।" कुवैत, यूनाइटेड अरब अमीरात, बहरीन, कतर और जॉर्डन जैसे क्षेत्रीय साझेदारों पर ईरान के हमलों का जिक्र करते हुए वॉल्ट्ज ने कहा कि ये एक्शन दिखाते हैं कि अमेरिका के कदम क्यों जरूरी हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग हमारे साथ हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनकी सुरक्षा पर कोई मोल-भाव नहीं हो सकता। हमारे साथियों की सुरक्षा शर्तों पर नहीं है। यह पक्की है। शांति उन लोगों को खुश करके नहीं बनी रहती जो इसे खतरा पहुंचाते हैं। शांति आतंक का सामना करने में ताकत से बनी रहती है।" दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को दोहराया है। रविवार को ट्रूथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, "ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करेंगे, जितना पहले कभी नहीं हुआ। लेकिन बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे, जो पहले कभी नहीं देखी गई।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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