इजरायल में कार्यरत छह हजार यूपी के श्रमिक सुरक्षित, सरकार सतत निगरानी में : मंत्री अनिल राजभर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने इजरायल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के श्रमिकों एवं उनके परिवारों को आश्वस्त किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उनकी सुरक्षा एवं कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग इजराइल स्थित भारतीय दूतावास एवं एनएसडीसी के साथ सतत संपर्क में है, ताकि इजरायल में कार्यरत छह हजार चार श्रमिकों की सुरक्षा, संरक्षा एवं कुशलक्षेम की कार्यवाही की जा सके।
उत्तर प्रदेश शासन इजराइल स्थित भारतीय दूतावास के साथ सतत संपर्क में है। प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम् ने इजराइल में भारत के राजदूत, जेपी सिंह से टेलीफोनिक वार्ता की गयी। राजदूत ने अवगत कराया कि स्थिति नियंत्रण में है। दूतावास श्रमिकों के संपर्क में है। वर्तमान में किसी प्रकार की चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भारतीय दूतावास घटनाक्रम पर सतत निगरानी रखे हुए है और सभी भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा एवं कुशलक्षेम की कार्यवाही की जाएगी।
ये भी पढ़ें आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उठाई जिले का नाम बदलने की मांग, बोले— "मुजफ्फरनगर का नाम हो लक्ष्मी नगर"प्रमुख सचिव ने इजरायल स्थित भारतीय दूतावास में तैनात प्रथम सचिव डॉ. गारिका तेजेश्वर से भी वार्ता की। डॉ. गारिका तेजेश्वर ने अवगत कराया कि स्थिति तनावपूर्ण अवश्य है, किन्तु नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि इजरायल में अधिकांश भवनों में सुरक्षा शेल्टर (आश्रय स्थल) उपलब्ध हैं तथा सभी श्रमिकों को निर्देशित किया गया है कि वे भवनों के शेल्टर क्षेत्रों में ही रहें और संबंधित प्राधिकरणों द्वारा जारी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ये भी पढ़ें अफगान-पाकिस्तान में भीषण सैन्य संघर्ष शुरू: दोनों देशों ने किया एक दूसरे के भारी नुकसान का दावापॉपुलेशन, इमिग्रेशन एंड बॉर्डर ऑथोरिटी (पिबा) ने हेल्पलाइन नंबर 1-700-707-889 जारी किया है। इसका संचालन सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन (सिमी) कर रहा है। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा आपात स्थिति में भारतीय नागरिक, सहित श्रमिक, उक्त हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इजराइल में वर्तमान में लगभग 42 हजार भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं। उनमें से 6,004 निर्माण श्रमिक उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से रविवार को बताया गया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कुल छह हजार चार निर्माण श्रमिक इजरायल में विभिन्न निर्माण कंपनियों में कार्यरत हैं। ये श्रमिक राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) एवं इजराइल की सरकारी संस्था पीबा (पॉपुलेशन, इमिग्रेशन एंड बॉर्डर ऑथोरिटी) के माध्यम से चयनित होकर वर्ष 2024 के दौरान इजराइल भेजे गए थे। ये श्रमिक इजराइल की विभिन्न निर्माण कंपनियों और परियोजनाओं में कार्यरत हैं। नियमित रूप से अपने कार्यस्थलों पर कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार ने इनके कुशलक्षेम पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
मध्य एशिया में वर्तमान में जारी स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास, तेल अवीव ने इजराइल में निवास कर रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक दूतावास के हेल्पलाइन नंबर एवं ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नम्बर एवं ईमेल का पता भी जारी किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक भारतीय दूतावास, तेल अवीव से हर दिन 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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