मुजफ्फरनगर में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा कदम: अब मोबाइल पर नहीं मिलेगा होमवर्क, एडीएम प्रशासन ने लगाई रोक
गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या की घटना से लिया सबक, स्कूलों को पारंपरिक शिक्षण अपनाने के निर्देश
मुजफ्फरनगर। जनपद के कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए राहत और सुरक्षा भरी खबर है। बच्चों में बढ़ती मोबाइल फोन की लत और इसके घातक परिणामों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन (एडीएम) संजय कुमार सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब स्कूलों द्वारा मोबाइल के माध्यम से होमवर्क या असाइनमेंट भेजना तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। एडीएम प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना समाज और शैक्षणिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एडीएम प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा 5 तक के सभी शासकीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में विषम परिस्थितियों को छोड़कर, व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल माध्यमों से होमवर्क और असाइनमेंट भेजने पर पूरी तरह रोक रहेगी। वहीं बच्चों के सभी शैक्षणिक कार्य स्कूल परिसर में ही संपन्न कराने के साथ ही बच्चों को होमवर्क डायरी या कॉपी में दिया जाएगा, ताकि उनकी निर्भरता मोबाइल फोन पर कम हो सके।
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प्रशासन का यह निर्णय हाल ही में गाजियाबाद में मोबाइल गेमिंग की लत के चलते तीन सगी बहनों द्वारा 9वीं मंजिल से कूदकर की गई आत्महत्या की घटना के बाद आया है। मोबाइल पर अनियंत्रित गेमिंग और सोशल मीडिया बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों को तबाह कर रहा है।
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए संदेश
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अल्पायु के बच्चे मोबाइल के प्रति मानसिक और भावनात्मक रूप से आसक्त हो रहे हैं। इस आसक्ति को रोकने के लिए स्कूल और अभिभावकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। एडीएम ने निर्देश दिया है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में गाजियाबाद जैसी दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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