मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक पर रंगो के त्योहार पर खिला 'मोहब्बत का गुलाल', मुस्लिमों ने बरसाए फूल
दुल्हेंडी पर दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, रंगों के बीच रमजान की मुबारकबाद और गुझिया की मिठास
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। बुधवार को दुल्हेंडी के मौके पर शहर के व्यस्ततम मीनाक्षी चौक पर नफरत की दीवारों को गिराकर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग एक-दूसरे के गले मिले। यहां फूलों की होली से अबीर-गुलाल की जगह प्रेम की पंखुड़ियां हवा में तैरती नजर आईं।
मीनाक्षी चौक पर यह होली पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल है, जहां फूलों की खुशबू और त्योहारों की मिठास मिल जाती है, तो समाज की कड़वाहट अपने आप खत्म हो जाती है। दरअसल वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद सईदुज्जमा के पुत्र सलमान सईद ने 'सईद मुर्तजा परिवार ट्रस्ट' के बैनर तले इस कार्यक्रम का आयोजन किया। बुधवार सुबह जैसे ही रंगों का उत्सव शुरू हुआ, ट्रस्ट के पदाधिकारी भारी मात्रा में फूल लेकर मीनाक्षी चौक पहुंचे। वहां से गुजरने वाले हर राहगीर का स्वागत फूलों की वर्षा के साथ किया गया। यह नजारा देख शहरवासी भी भावुक हो उठे और इस उत्सव का हिस्सा बन गए।
होली की गुझिया और रमजान की दुआएं
इस मिलन समारोह में केवल होली ही नहीं मनाई गई, बल्कि पवित्र महीने रमजान की खुशियां भी साझा की गईं। जहाँ मुस्लिम भाइयों ने हिंदू समाज के लोगों को गुझिया खिलाकर मुंह मीठा कराया, वहीं हिंदू भाइयों ने अपने मुस्लिम मित्रों को गले लगाकर रमजान की मुबारकबाद दी। राजनीतिक और धार्मिक सीमाओं को दरकिनार कर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पहल की जमकर सराहना की।
प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस सद्भावपूर्ण कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, अनमोल जैन, और कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतपाल कटारिया जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ दिनेश पाल, अधिवक्ता उमर, शमशाद, मदन गौतम, विश्व रतन और शलभ गुप्ता ने भी शिरकत की। सभी ने एक स्वर में कहा कि मुजफ्फरनगर की असल पहचान यही आपसी प्रेम और भाईचारा है।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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