मुजफ्फरनगर: हथियारों की डील के दौरान पुलिस ने मारा छापा, पिस्टल और रिवॉल्वर के साथ चार तस्कर रंगे हाथ गिरफ्तार
बारात घर के पास चल रहा था सौदा; एडवांस देकर डिलीवरी लेने पहुंचे थे खरीदार, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शहर कोतवाली पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने मिमलाना रोड पर चल रही एक हथियारों की डील के बीच में ही छापा मारकर चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए गिरोह में न केवल हथियार सप्लाई करने वाले माफिया शामिल हैं, बल्कि वे लोग भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं जो अपनी दबंगई चमकाने के लिए अवैध हथियार खरीदने पहुंचे थे। पुलिस ने इनके पास से आधुनिक हथियार और सौदे की नकदी बरामद कर इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बारात घर के पास चल रहा था अवैध हथियारों का 'बाजार'
कोतवाली प्रभारी बबलू कुमार ने बताया कि रविवार को सूचना मिली थी कि मिमलाना रोड स्थित न्यू गुडलक बारात घर के पास कुछ संदिग्ध युवक अवैध हथियारों की बड़ी खेप की डिलीवरी लेने और देने के लिए एकत्र होने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और इलाके की घेराबंदी कर दी। जैसे ही चारों आरोपी आपस में हथियारों और रुपयों का आदान-प्रदान करने लगे, तभी पुलिस टीम ने उन्हें चारों ओर से घेरकर दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर की पिस्टल, एक .32 बोर की रिवॉल्वर और 5 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई।
एडवांस देकर तय हुआ था सौदा, सस्पेंस के बाद खुले नाम
ये भी पढ़ें कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं; राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने प्रतिभाओं को किया सम्मानितपूछताछ के दौरान सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। पकड़े गए आरोपियों में सिद्धार्थ और अमरीश कुमार (निवासी ग्राम मुथरा, चरथावल), हिमांशु (निवासी रायपुर, शामली) और दीपक कुमार (निवासी केवलपुरी, सिविल लाइन) शामिल हैं। जांच में पता चला कि सिद्धार्थ और हिमांशु मुख्य सप्लायर हैं, जबकि अमरीश और दीपक ने उनसे हथियारों की मांग की थी। डील के मुताबिक, खरीदारों ने सप्लायरों को 2500-2500 रुपये एडवांस भी दे दिए थे और शेष रकम डिलीवरी के वक्त दी जानी थी।
लिंक खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इन आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये हथियार आखिर किस फैक्ट्री से बनकर आए थे और इनके तार और किन-किन अपराधियों से जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अवैध हथियार रखने और बेचने वालों में हड़कंप मच गया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां