मुजफ्फरनगर में मोती झील में मछलियों के शिकार और शुकतीर्थ में मोबाइल टावर के खिलाफ हिंदू संगठन का हल्लाबोल
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे दो मांग पत्र; धार्मिक भावनाएं आहत करने और रेडिएशन के खतरे पर जताई गहरी चिंता
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) को दो अलग-अलग समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपे। संगठन ने शामली रोड स्थित मोती झील में मछली पालन के ठेके को तत्काल निरस्त करने और तीर्थ नगरी शुकतीर्थ की घनी आबादी के बीच लगाए जा रहे मोबाइल टावर पर रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।
नगर मजिस्ट्रेट को सौंपे गए पहले ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संजय अरोड़ा ने कहा कि शामली रोड स्थित मोती झील हिंदू समाज की धार्मिक मान्यताओं का केंद्र है। लोग यहां ग्रह दोषों से मुक्ति और मन की शांति के लिए मछलियों को दाना व आटे की गोलियां खिलाते हैं। आरोप है कि मछली पालन के नाम पर यहां घातक केमिकल डालकर और जाल बिछाकर हजारों मछलियों की हत्या की जा रही है, जिसे ट्रकों में भरकर ले जाया जाता है। इस कृत्य से न केवल जलीय जीवन समाप्त हो रहा है, बल्कि हिंदू समाज की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। संगठन ने मांग की है कि मोती झील को 'धरोहर' घोषित कर इसका सौंदर्यीकरण कराया जाए और यहां मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
शुकतीर्थ: आबादी के बीच टावर का विरोध
दूसरे ज्ञापन में धार्मिक स्थल शुकतीर्थ में अवैध रूप से लगाए जा रहे मोबाइल टावर का मुद्दा उठाया गया। संगठन का आरोप है कि टावर कंपनी बिना स्थानीय नागरिकों की सहमति के घनी आबादी में कार्य शुरू कर चुकी है। टावर से होने वाले रेडिएशन का स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि विरोध करने पर नागरिकों को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। संगठन ने मांग की है कि इस टावर की एनओसी तत्काल रद्द की जाए।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से राष्ट्रीय संयोजक संजय अरोड़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला) सरिता शर्मा अरोड़ा, प्रवीण जैन, राजीव बंसल, सोनू महेश्वरी, संजय गोस्वामी, सोनू धीमान, अरविंद कुमार, श्याम वर्मा, अंकित पाल सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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