खतौली: 2 मौतों के बाद जागी प्रशासन की नींद; कांवड़ पटरी मार्ग पर लगे हाईट गैज, 'मौत के सौदागर' भारी वाहनों पर लगा ब्रेक
टोल बचाने की होड़ में ट्रक-डंपर चालकों ने पहले तोड़े थे बैरियर; अब दोबारा सख्ती से खौफजदा माफिया, हल्के वाहनों के लिए सुरक्षित हुआ रास्ता
खतौली: जनपद के खतौली क्षेत्र में बीते दो दिन पूर्व हुए उस दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने आखिरकार सोए हुए प्रशासन को जगा ही दिया है। चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर भारी और ओवरलोड वाहनों की बेलगाम आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने आनन-फानन में हाईट गैज लगवा दिए हैं। अब इस मार्ग पर केवल हल्के वाहन ही सुरक्षित रूप से गुजर सकेंगे, जिससे आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।
टोल बचाने की होड़ और टूटते कायदे:
रुड़की से मुरादनगर तक विकसित इस कांवड़ पटरी मार्ग को मुख्य रूप से शिवभक्तों और हल्के वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए तैयार किया गया था। पूर्व में भी खतौली गंग नहर और सठेड़ी पुल के पास प्रशासन ने हाईट गैज लगवाए थे, लेकिन एनएच-58 का टोल बचाने के चक्कर में भारी वाहन चालकों ने अपनी दबंगई दिखाते हुए इन्हें तोड़ दिया था। तब से यह मार्ग ट्रकों और डंपरों के लिए एक 'शॉर्टकट' बन गया था, जो न केवल सड़क को खराब कर रहे थे, बल्कि आम जनता के लिए मौत का जाल बिछा रहे थे।
ये भी पढ़ें नई दिल्ली: खरीफ फसलों के MSP पर मंथन, भाकियू अराजनैतिक ने उठाई एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांगहादसे के बाद उपजा भारी आक्रोश:
दो दिन पूर्व सवारियों से भरी महिंद्रा पिकअप और एक तेज रफ्तार ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इस वीभत्स हादसे में दो लोगों की जान चली गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। मृतक और घायलों के परिजनों ने मौके पर जमकर हंगामा किया था। जनता के भारी दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठते सवालों के बीच पुलिस-प्रशासन को आखिरकार कार्रवाई करनी पड़ी।
अब नहीं चलेंगे 'मौत के सौदागर':
रतनपुरी और खतौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इन मार्गों पर अब ऊंचे और भारी वाहनों का प्रवेश नामुमकिन होगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अब इन हाईट गैजों की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि कोई इन्हें दोबारा नुकसान न पहुँचा सके। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि यह कदम प्रशासन ने पहले उठा लिया होता, तो कई परिवारों के चिराग बुझने से बच सकते थे। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस सख्ती को लंबे समय तक बरकरार रख पाएगा या ये हाईट गैज फिर से किसी हादसे का इंतज़ार करेंगे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
वरिष्ठ पत्रकार आरिफ सिद्दीकी पिछले 32 वर्षों से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार के एक अभिन्न स्तंभ हैं। मुज़फ्फरनगर के खतौली क्षेत्र की ज़मीनी समस्याओं और विकास के मुद्दों पर उनकी पकड़ बेमिसाल है। तीन दशकों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारिता करियर में उन्होंने हमेशा सत्य और निष्पक्षता का मार्ग चुना है। विश्वसनीय रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय विषयों पर उनकी गहरी समझ उन्हें क्षेत्र के सबसे अनुभवी पत्रकारों की श्रेणी में खड़ा करती है। खतौली की खबरों के लिए उनसे 9897846483 पर संपर्क किया जा सकता है।

टिप्पणियां