पोलैंड की नई राजदूत नियुक्त की गई नीता भूषण, जल्द संभालेंगी जिम्मेदारी
नई दिल्ली। भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की 1994 बैच की अधिकारी नीता भूषण पोलैंड में भारत की राजदूत नियुक्त की गई हैं। जल्द ही वह पोलैंड में अपना कार्यभार संभालेंगी। वर्तमान समय में वह न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त के रूप में काम संभाल रही हैं। इससे पहले उन्होंने जापान, जर्मनी, यूएई और बांग्लादेश में बतौर राजनयिक अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने अबू धाबी में उप राजदूत और अमेरिका के शिकागो में महावाणिज्य दूत के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी संभाली है। नीता भूषण विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (मध्य यूरोप) भी रही हैं। नीता भूषण ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की डिग्री ली और फिर उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से एम.फिल किया।
सितंबर 2022 में उन्हें न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त नियुक्त किया गया। नीता के पास कुक आइलैंड्स, नियू, वनुआतु और समोआ का भी अतिरिक्त प्रभार रहा। शिकागो में उन्होंने 2017 से लेकर 2019 तक अपनी सेवा दी। यहां उन्होंने अमेरिका के मिडवेस्ट क्षेत्र के 10 राज्यों में भारतीय हितों का नेतृत्व किया। अप्रैल 2020 से उन्होंने विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में मध्य यूरोप के 30 देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों का अनुभव लिया। 2009 से 2013 के बीच, वह वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में निदेशक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर थीं। इस दौरान उन्होंने यूरोप के साथ आर्थिक संबंधों पर काम किया। इसके अलावा, नीता भूषण ने विकास भागीदारी प्रशासन (डीपीए) में निदेशक, जापान एवं कोरिया डेस्क पर अवर सचिव और नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) में फैकल्टी सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। बता दें, भारत और पोलैंड के बीच 1954 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। 1957 में भारत ने अपना दूतावास वारसॉ में खोला था। 1989 में पोलैंड द्वारा लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को चुनने के बाद भी दोनों देशों की घनिष्ठता बनी हुई है।
45 साल में पहली बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2024 को यहां का दौरा किया था। भारत से पोलैंड को टेक्सटाइल और परिधान (सूती वस्त्र, आरएमजी), इंजीनियरिंग सामान (मशीनरी, यांत्रिक उपकरण, लोहे और इस्पात के उत्पाद, धात्विक उत्पाद), रसायन और फार्मा (रसायन, रबर उत्पाद और फार्मास्युटिकल (दवा) उत्पाद), कृषि उत्पाद (कॉफी, चाय, मसाले और तंबाकू) और खनिज ईंधन और तेल का निर्यात होता है। इसके अलावा पोलैंड से भारत को मशीनरी और उपकरण (औद्योगिक मशीनरी, यांत्रिक उपकरण, कंप्यूटर, वाहन के पुर्जे), रसायन (अवशिष्ट रासायनिक और मिश्रित उत्पाद), धातु (लोहा और इस्पात) और इलेक्ट्रिक बैटरी, रबर उत्पाद आयात होते हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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