शामली।
उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में झिंझाना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर एवं गैंगस्टर फिरोज खान को सोमवार दोपहर उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों, एसओजी टीम और थाना झिंझाना की संयुक्त पुलिस टीम मौजूद रही। पुलिस ने कस्बा झिंझाना के मोहल्ला पठानान स्थित उसके आवास के तहखाने से फिरोज खान को दबोचा और सीधे थाने ले गई। फिरोज सत्ताधारी रालोद का नेता है और प्रदेश सचिव के पद पर भी बताया जाता है।
30 करोड़ की संपत्ति पहले ही हो चुकी है कुर्क
गौरतलब है कि गैंगस्टर फिरोज खान की करीब 30 करोड़ रुपये की संपत्ति को जिला प्रशासन ने 25 दिसंबर 2025 को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया था। प्रशासन ने संपत्तियों पर कुर्की के बोर्ड भी लगाए थे। पुलिस-प्रशासन का दावा है कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित की गई थी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर रहा था फिरोज
संपत्ति कुर्क होने के बाद से फिरोज खान लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रहा था। इन वीडियो में उसने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। कभी उसने फर्जी मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया तो कभी अपने एनकाउंटर की आशंका जताई। एक वीडियो में उसने खुद को जंजीरों से बांधकर हाउस अरेस्ट बताया, जबकि एक अन्य वीडियो में उसने जौनपुर में महिला से दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे का आरोप लगाया था। पुलिस का कहना है कि इन वीडियो के माध्यम से सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने का प्रयास किया गया।
सरकारी कार्य में बाधा और धमकी का मुकदमा
पुलिस ने फिरोज खान के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, सोशल मीडिया पर धमकी देने और वीडियो वायरल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में कस्बा झिंझाना निवासी उमर और टपराना निवासी महिला शोबी (फिरोज की भतीजी) को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
रालोद से जुड़ाव पर सियासी हलचल
फिरोज खान राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। कस्बे में कई स्थानों पर उसके रालोद के प्रदेश सचिव होने के बैनर भी लगे हुए हैं। रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा है कि फिरोज लंबे समय से पार्टी का सदस्य जरूर है, लेकिन प्रदेश सचिव पद के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस पूरे मामले पर पार्टी के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लंबा आपराधिक इतिहास
एएसपी सुमित शुक्ला के अनुसार, फिरोज खान पर शामली, सहारनपुर और मेरठ जनपदों में हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, मारपीट, बलवा, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 22 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। कुछ मामलों में न्यायालय से स्टे होने की बात भी सामने आई है, लेकिन हालिया मुकदमे में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
चुनाव भी लड़ चुका है फिरोज
फिरोज खान पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। वह एक बार कैराना विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव और एक बार नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुका है। इसके अलावा उसने अपनी पत्नी शाहिस्ता और समर्थक कय्यूम को भी नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़वाया, लेकिन सभी चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
