शामली के जलालाबाद में तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा, चारदीवारी करते दो लोग पुलिस हिरासत में
रोडवेज बस स्टैंड के पास तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश नाकाम
जलालाबाद(शामली)। जलालाबाद कस्बा में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड के पीछे स्थित बेशकीमती तालाब और ऊसर की भूमि पर अवैध रूप से चारदीवारी का निर्माण करा रहे दो व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। जिलाधिकारी के आदेश पर हुई इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
जिलाधिकारी के आदेश पर हुई इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।शिकायतकर्ता मकबूल मलिक पुत्र मोहम्मद यूसुफ ने जिलाधिकारी शामली को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि उक्त भूमि पर कुछ लोग अवैध कब्जा कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जलालाबाद कस्बे के खसरा संख्या 2154 (तालाब) और 2155 व 2156 (ऊसर) पर निर्माण कार्य शुरू होने की सूचना मिली। नगर पंचायत द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद मंगलवार को कब्जाधारियों ने दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
राजस्व टीम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
कब्जाधारियों ने मंगलवार को दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया। निर्माण कार्य शुरू होने की सूचना पर राजस्व टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुँची। लेखपाल कुलवंत सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद पूर्व में भी कार्य रुकवाया गया था, लेकिन मंगलवार को इरशाद उर्फ बल्लू पुत्र कालू ने फिर से चारदीवारी का काम शुरू कर दिया। मौके पर पहुँची टीम ने निर्माण कार्य को ध्वस्त कराते हुए काम रुकवाया और मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया।
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पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए इरशाद उर्फ बल्लू पुत्र कालू और सोनू पुत्र मुस्तकीम को हिरासत में लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 170 के तहत चालान कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कानून के तहत सरकारी भूमि, विशेषकर तालाबों और ऊसर की जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। राजस्व विभाग द्वारा टीम गठित कर पैमाइश कराई जा रही है और अवैध कब्जे को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। जलालाबाद प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोबारा इस भूमि पर कोई निर्माण करने का प्रयास किया गया, तो आरोपियों के खिलाफ और भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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