शामली: रोजगार मेला बना 'मजाक', डिग्री धारी युवाओं का छलका दर्द— "मजदूरों से भी कम वेतन और कमीशन का खेल"

शामली। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को योग्यता के अनुसार रोजगार देने के दावों की शामली में आयोजित एक रोजगार मेले में जमकर पोल खुली। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मैरिज होम में आयोजित इस मेले में पहुंचे उच्च शिक्षित युवाओं (बीएड, बीटेक, बीएससी) ने व्यवस्थाओं और कंपनियों के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। युवाओं का आरोप है कि यहां मिलने वाली नौकरियां उनके शैक्षिक स्तर के लायक नहीं हैं और वेतन के नाम पर उनके साथ 'धोखा' किया जा रहा है।
डिग्री बड़ी, वेतन छोटा: युवाओं का आक्रोश
मेले में आए अक्षय (ITI डिप्लोमा धारक) और पंकज (BSC एग्रीकल्चर) जैसे युवाओं ने बताया कि वे सालों से खाक छान रहे हैं, लेकिन मेले में उन्हें जो वेतन ऑफर किया जा रहा है, वह एक दिहाड़ी मजदूर की कमाई से भी कम है। एक युवक ने तल्ख लहजे में कहा, "आजकल एक मजदूर भी प्रतिदिन 600 से 700 रुपये कमा लेता है, जबकि यहां हमें 10 से 12 हजार रुपये की नौकरी ऑफर की जा रही है, जो मजदूरों के स्तर से भी नीचे है।"
कमीशन का 'जाल' और आधा अधूरा वेतन
रोजगार मेले की सच्चाई बताते हुए एक पीड़ित युवा ने खुलासा किया कि पिछली बार एक फर्टिलाइजर कंपनी ने उसे 12 हजार रुपये प्रति माह पर रखा था। कड़ी मेहनत के बाद पहले महीने 10 हजार मिले, लेकिन अगले महीने केवल 4 हजार रुपये थमा दिए गए। पूछने पर पता चला कि नौकरी 'कमीशन बेस्ड' थी। वहीं, एक अन्य अभिभावक ने बताया कि उनके बेटे को नोएडा की एक कंपनी ने 21 हजार रुपये का वादा कर बुलाया था, लेकिन वहां केवल 12-14 हजार रुपये ही दिए गए। ठेकेदारों द्वारा वेतन रोक लेना भी युवाओं के नौकरी छोड़ने का एक बड़ा कारण बन रहा है।
जिम्मेदार अधिकारी ने 'स्टाफ कम' होने का दिया हवाला
जब इस अव्यवस्था और दावों की हकीकत जानने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय कुमार से बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में हजारों युवाओं को नौकरियां मिली हैं। हालांकि, जब उनसे लाभान्वित युवाओं की सूची और आयोजनों पर हुए खर्च का विवरण मांगा गया, तो उन्होंने 'स्टाफ की कमी' का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया और जानकारी देने के लिए समय मांगा।
अधिकारियों की इस बेरुखी और कंपनियों के शोषण के बीच शामली का शिक्षित बेरोजगार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। कई युवक-युवतियां अपनी मजबूरियों के चलते इन खराब हालातों से समझौता करने को विवश दिखे।
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लेखक के बारे में
शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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