झांसी हत्याकांड: MBA भाई को मारकर घर में दफनाया, लाश गलाने को डाला 100 किलो नमक
झांसी (उत्तर प्रदेश) से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक परिवार के भीतर ही खूनी खेल खेला गया। एक छोटे भाई ने अपने सगे बड़े भाई (MBA पास) की हत्या कर शव को घर के अंदर ही दफना दिया। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 'हंसारी' इलाके में यह वारदात हुई। मृतक की पहचान विश्वजीत (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो MBA की पढ़ाई कर चुका था।
हत्या और शव को ठिकाने लगाने का खौफनाक तरीका
पुलिस जांच के अनुसार, छोटे भाई अभिजीत ने अपने बड़े भाई विश्वजीत की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उसने जो रास्ता अपनाया, उसने सबको चौंका दिया:
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घर में ही खोदी कब्र: अभिजीत ने घर के एक कमरे के फर्श को खोदकर गड्ढा बनाया।
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100 किलो नमक का इस्तेमाल: शव जल्दी गल जाए और पड़ोसियों को बदबू न आए, इसके लिए उसने बाजार से 100 किलो नमक खरीदा और शव के ऊपर डाल दिया।
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फर्श को दोबारा पक्का किया: शव दफनाने के बाद उसने ऊपर से मिट्टी डाली और फर्श को फिर से सीमेंट से पक्का कर दिया ताकि किसी को शक न हो।
पढ़ा-लिखा और संभ्रांत परिवार
हैरानी की बात यह है कि यह परिवार काफी शिक्षित और संभ्रांत पृष्ठभूमि से आता है:
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पिता: पेशे से शिक्षक (Teacher) थे।
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मां: कोर्ट से रिटायर्ड पेशकार हैं।
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मृतक: खुद MBA पास था और बेहतर भविष्य की तलाश में था।
खुलासा कैसे हुआ?
विश्वजीत कई दिनों से लापता था। जब रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों ने उसके बारे में पूछा, तो छोटा भाई टालमटोल करने लगा। मां को भी बेटे के अचानक गायब होने पर शक हुआ।
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पुलिस को सूचना दी गई, और जब शक की सुई छोटे भाई अभिजीत पर घूमी, तो पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की।
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पूछताछ में अभिजीत टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घर का फर्श खुदवाया, जहां से
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विश्वजीत का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।
हत्या के पीछे का कारण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों के बीच अक्सर विवाद और झगड़े होते रहते थे। छोटे भाई का आरोप था कि बड़ा भाई उसे परेशान करता था या घर के संसाधनों को लेकर उनके बीच अनबन थी। हालांकि, पुलिस अभी भी इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे संपत्ति का विवाद था या कोई और निजी रंजिश।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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