बरेली: स्वास्थ्य विभाग के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, खामियां मिलने पर 4 अल्ट्रासाउंड सेंटरों को नोटिस
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी के नेतृत्व में हुई छापेमारी; अभिलेख अधूरे और मानक नदारद, जवाब न मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की तैयारी
बरेली। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। शुक्रवार को जिले में संचालित निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर विभाग की टीम ने औचक छापेमारी की। इस दौरान चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर गंभीर अनियमितताएं और अभिलेखों का रखरखाव अधूरा पाया गया। शासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल की अनदेखी करने पर विभाग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी चार संचालकों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया है। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य संस्थानों के संचालकों में हड़कंप व्याप्त है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी के नेतृत्व में गठित टीम ने केंद्रों के निरीक्षण के दौरान पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट और शासन की गाइडलाइन के अनुपालन की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कुछ केंद्रों पर न तो मशीनों से संबंधित जरूरी दस्तावेज पूर्ण मिले और न ही मरीजों के रिकॉर्ड का सही रखरखाव पाया गया। टीम ने मौके पर ही कमियों को दर्ज करते हुए संचालकों को फटकार लगाई और निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
खामियां मिलने पर होगी विधिक कार्रवाई
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में संचालित सभी डायग्नोस्टिक सेंटरों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "निरीक्षण के दौरान जिन चार केंद्रों पर कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। यदि निर्धारित समय में केंद्रों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो नियमानुसार उनके लाइसेंस निरस्त करने या केंद्रों को सील करने जैसी कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
ये भी पढ़ें ट्रंप की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आज, गाजा पुनर्वास पर 20 सदस्य देश करेंगे चर्चालापरवाही बर्दाश्त नहीं, अभियान रहेगा जारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मरीजों के स्वास्थ्य और जांच की पारदर्शिता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा ताकि अवैध और मानकविहीन रूप से चल रहे केंद्रों पर लगाम लगाई जा सके। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अन्य सेंटरों पर भी अपने दस्तावेजों और मानकों को दुरुस्त करने की आपाधापी मची हुई है।
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