संभल: कांवड़ यात्रा को लेकर तमन्ना मलिक तुलसी का बयान, सांसद जियाउर्रहमान बर्क़ पर किया पलटवार
संभल। जनपद में हिंदू युवक से प्रेम विवाह करने के बाद बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाली तमन्ना मलिक तुलसी का मामला अब सियासी और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क़ द्वारा दिए गए बयान पर तमन्ना मलिक तुलसी ने खुलकर पलटवार करते हुए कहा कि बुर्का उनका नहीं है और इस्लाम भी किसी व्यक्ति विशेष का बनाया हुआ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत आस्था और जीवन जीने का अधिकार है, जिस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।
प्रेम विवाह के बाद मन्नत पूरी होने पर लाई कांवड़
ये भी पढ़ें पीएम मोदी को मेरठ के भाजपाइयों ने किया स्वागत, व्यापारियों की समस्या से संबंधित ज्ञापन सौंपाजानकारी के अनुसार, थाना असमोली क्षेत्र के गांव बदनपुर बसेई निवासी अंकित त्यागी से तमन्ना मलिक ने करीब तीन वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद उन्होंने अपनी मन्नत पूरी होने पर कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प के तहत उन्होंने कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। हालांकि, इस दौरान उनके बुर्का पहनकर कांवड़ लाने को लेकर कुछ लोगों द्वारा आपत्ति जताई गई और कथित तौर पर फतवे जारी किए गए, जिससे मामला चर्चा में आ गया।
सांसद के बयान पर तमन्ना का तीखा जवाब
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क़ ने सवाल उठाया था कि धर्म परिवर्तन के बाद भी तमन्ना बुर्का पहनकर कांवड़ क्यों लेकर आईं। इस पर तमन्ना मलिक तुलसी ने कहा कि बुर्का उनका निजी विषय नहीं है और धर्म भी किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि इस देश में हर महिला को अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीने और अपनी आस्था का पालन करने का पूर्ण अधिकार है।
दोनों धर्मों का सम्मान करने की कही बात
तमन्ना मलिक तुलसी ने कहा कि वह दोनों धर्मों का सम्मान करती हैं और जो उन्हें सही लगता है, उसे अपनाती हैं। उन्होंने अपने मायके और ससुराल दोनों पक्षों की धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने की बात कही। जब उनसे उनके मायके परिवार के रुख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनका परिवार उनके पक्ष में नहीं है, लेकिन उन्हें अपने निर्णय पर पूरा भरोसा है और वह अपने जीवन के फैसले स्वयं लेने में सक्षम हैं।
फतवों और सामाजिक टिप्पणियों पर भी दिया जवाब
तमन्ना ने सांसद बर्क़ द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस्लाम के नियमों का इतना पालन करता है, तो उसे सोशल मीडिया का उपयोग भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार वहां भी कई प्रतिबंध बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने अनुसार नियम बनाकर दूसरों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और फतवे जारी कर अपनी सोच थोपना चाहते हैं।
धमकियों के खिलाफ पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
तमन्ना मलिक तुलसी ने बताया कि उनके खिलाफ कुछ कट्टरपंथी तत्वों द्वारा लगातार फतवे और धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे फतवों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। साथ ही उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ थाना असमोली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आस्था का बना मुद्दा
यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत निर्णय तक सीमित नहीं रहकर सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। तमन्ना मलिक तुलसी ने साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी आस्था और जीवन से जुड़े फैसले स्वयं लेंगी और किसी के दबाव में नहीं आएंगी। वहीं प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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