बागपत में चाची-भतीजे की शादी: पति ने थाने के बाहर करवाए 7 फेरे, बोला– डर था कहीं ‘नीले ड्रम’ जैसा कांड न हो जाए
बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र से रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक पति ने अपनी जान बचाने और समाज की जलालत से बचने के लिए अपनी ही पत्नी की शादी उसके सगे भतीजे से करा दी। थाने के बाहर हुई इस अनोखी शादी को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच रही थी और उसे डर था कि कहीं उसकी हत्या कर लाश को ड्रम में न भर दिया जाए।
नींद की दवा देकर भतीजे से मिलने जाती थी पत्नी टीकरी कस्बे के रहने वाले पंकज की शादी आठ साल पहले पूजा के साथ हुई थी। इनके दो मासूम बच्चे भी हैं। पंकज के मुताबिक शादी के तीन साल बाद ही उसकी पत्नी का प्रेम प्रसंग पड़ोस में रहने वाले सगे भतीजे संजीव से शुरू हो गया था। पंकज ने बताया कि विरोध करने पर घर में आए दिन क्लेश होता था। हद तो तब हो गई जब पत्नी खाने में नींद की गोलियां मिलाकर पति और बच्चों को सुलाने लगी ताकि वह रात के अंधेरे में अपने प्रेमी भतीजे से मिल सके।
मेरठ के मुस्कान हत्याकांड जैसा सता रहा था डर पंकज ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह मानसिक तनाव के उस दौर से गुजर रहा था जहां उसे अपनी और अपने बच्चों की जान का खतरा महसूस होने लगा था। उसने मेरठ के चर्चित मुस्कान हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि उसे डर था कि उसकी पत्नी उसे मारकर नीले ड्रम में भर देगी। इसी खौफ और सामाजिक बदनामी के चलते उसने अपनी मर्जी से दोनों की शादी कराने का फैसला लिया।
थाने के बाहर डली वरमाला और लिए सात फेरे शुक्रवार शाम यह हाईवोल्टेज ड्रामा दोघट थाने पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर वापस भेज दिया लेकिन पंकज अपनी जिद पर अड़ा रहा। थाने से बाहर निकलते ही पंकज ने अपनी मौजूदगी में पत्नी और भतीजे की शादी संपन्न कराई। दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। पंकज ने पुलिस को लिखित में भी दे दिया है कि अब उसका अपनी पत्नी से कोई रिश्ता नहीं है और वह अपनी मर्जी से यह विवाह संपन्न करा रहा है।
बच्चों को लेकर गांव छोड़ देगा पीड़ित पति इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। शादी के बाद चाची और भतीजा गांव छोड़कर किसी दूसरे शहर चले गए हैं। वहीं दूसरी ओर बुरी तरह टूट चुके पंकज का कहना है कि अब इस गांव में उसके लिए कुछ नहीं बचा है। पत्नी ने उसे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा है इसलिए वह अब अपने दोनों बच्चों को लेकर यहां से हमेशा के लिए दूर चला जाएगा। ग्रामीण बताते हैं कि इस विवाद को सुलझाने के लिए पहले कई बार पंचायतें भी हुई थीं लेकिन प्रेमी जोड़ा किसी की बात मानने को तैयार नहीं था।
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लेखक के बारे में
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रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

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