बुलंदशहर के सिटी मजिस्ट्रेट के पुजारी ने 'दादी' की गला दबाकर की हत्या, चोरी के लिए दो नौकरों ने उकसाया
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र के यशोदापुरम सेक्टर आई में 3 दिसंबर को 74 वर्षीय बुजुर्ग महिला नीलिमा श्रीवास्तव की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने शुक्रवार, 5 दिसंबर को आरोपी जतिन्द्र मिश्रा को गिरफ्तार किया, जो मृतका के घर के सामने स्थित बुलंदशहर के सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के आवास पर पुजारी का काम करता था।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस की पूछताछ में आरोपी जतिन्द्र मिश्रा (निवासी महौना, इटौंजा) ने बताया कि इस वारदात के पीछे मुख्य कारण चोरी था। आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसी मकान में काम करने वाले दो नौकरों दीपक उर्फ दीपू और सुशील कुमार ने उसे चोरी करने के लिए उकसाया था। दोनों नौकरों ने बताया था कि अकेली रहने वाली नीलिमा के पास करीब 250 ग्राम सोना और गहने हैं।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
जतिन्द्र ने बताया कि दोनों नौकरों के उकसाने पर वह 2 दिसंबर को दोपहर करीब 2 बजे मौका पाकर नीलिमा के घर में घुस गया और दिनभर तख्त के नीचे छिपा रहा। देर रात जब नीलिमा सो गईं तो उसने अलमारी और बक्से खंगालने शुरू किए। इसी दौरान नीलिमा जाग गईं और उसे पहचान लिया। पकड़े जाने के डर से जतिन्द्र ने उनका मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी।
हालांकि, जतिन्द्र को घर में सोना और गहने नहीं मिले। वह सिर्फ आर्टिफिशल ज्वैलरी, कुछ सिक्के और पर्स जूट की बोरी में भरकर आधी रात करीब ढाई बजे फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का सामान बरामद कर लिया है।
'दादी' कहकर साधता था निशाना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जतिन्द्र, नीलिमा को 'दादी' कहता था और इसी बहाने उनके करीब आया था। उसने चोरी की योजना कई दिन पहले बनाई थी।
पुलिस ने बताया कि वह आरोपी को चोरी के लिए उकसाने वाले दोनों नौकरों दीपक और सुशील की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतका नीलिमा, जिनके पति और बेटे की पहले ही मौत हो चुकी थी, घर में अकेली रहती थीं। उनके समधी केपी सक्सेना ने बताया कि नीलिमा की बहू दिमागी तौर पर कमजोर होने के कारण ज्यादातर उनके साथ ही रहती थी।
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