घर के बाहर लगे लाल निशान से लोगों में भय और दहशत का माहौल...350 से ज्यादा घरों-दुकानों पर चले लाल निशान
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में सड़क चौड़ीकरण के लिए 350 से ज्यादा घरों-दुकानों पर निशान लगाए गए हैं। नगर निगम बिना मुआवजा दिए इन संपत्तियों को तोड़ेगा, जिससे निवासियों में भय और दहशत का माहौल है।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से बरेली-बदायूं रोड और पीलीभीत बाईपास से जुड़े इलाकों में की जा रही है। ये लाल निशान उन अवैध अतिक्रमणों (Encroachments) को दर्शाते हैं जो सड़क की निर्धारित चौड़ाई के भीतर आ रहे हैं।
अब तक करीब 350 से 400 संपत्तियों पर लाल निशान लगाए जा चुके हैं, जिनमें पक्के मकानों के छज्जे, दुकानों की सीढ़ियां और बाउंड्री वॉल शामिल हैं।
कई निवासियों का आरोप है कि उन्हें पहले से कोई लिखित नोटिस नहीं दिया गया। सुबह अचानक दीवारों पर निशान देखकर लोग सहम गए थे। दुकानदारों में डर है कि यदि दुकानों का सामने का हिस्सा तोड़ा गया, तो उनका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो जाएगा।
अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाले निर्माणों को हटाने के लिए प्रशासन आमतौर पर मुआवजा नहीं देता, जिससे लोग आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, शहर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए सड़कों को 12 से 18 मीटर तक चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है।प्रशासन ने लोगों को मोहलत दी है कि वे अपने अवैध निर्माण खुद ही हटा लें। यदि प्रशासन की मशीनरी (पीला पंजा) इन्हें गिराती है, तो इसका खर्च भी संबंधित संपत्ति मालिक से वसूला जा सकता है। विरोध की आशंका को देखते हुए इन क्षेत्रों में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती के बीच सर्वे कार्य पूरा किया जा रहा है।
