संजय सिंह का आरोप, SIR के नाम पर यूपी से 4.5 करोड़ वोटर गायब, बताया 'वोट की डकैती'
लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर प्रदेश की मतदाता सूची में अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है और एक महीने के भीतर साढ़े चार करोड़ मतदाताओं के नाम गायब कर दिए गए। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला बताया।
आप सांसद ने आरोप लगाया कि पहले मतदाता सूची से नाम काटे गए और इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर बूथ पर 200 वोट बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 1 लाख 77 हजार बूथ हैं यानी भाजपा करीब साढ़े तीन करोड़ वोट जोड़ने की तैयारी में है। श्री सिंह ने दावा किया कि भाजपा दूसरे राज्यों से लोगों को लाकर उत्तर प्रदेश में फर्जी तरीके से मतदाता बनवाने की साजिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले वोट काटने की सूची देती है और बाद में वोट जोड़ने की सूची लेकर आती है।
श्री सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर के तहत दो करोड़ 17 लाख लोगों को शिफ्टेड/अनट्रेसेबल श्रेणी में बताया है। उन्होंने मांग की कि इन मामलों में भरे गए फॉर्म-7 और बीएलओ द्वारा भरे गए फॉर्म-10 को ऑनलाइन सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का दावा है कि 46 लाख वोटर मृत हैं और 25 लाख वोट डुप्लीकेट हैं, तो इनका रिकॉर्ड भी जनता के सामने रखा जाए, क्योंकि जिंदा लोगों को मरा और मरे लोगों को जिंदा दिखाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कन्नौज, रामपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर, नोएडा, बहराइच और कानपुर देहात जैसे जिलों में कथित गड़बड़ियों के उदाहरण गिनाते हुए कहा कि कहीं एक घर में दर्जनों वोटर दर्ज हैं। संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से पूरे प्रकरण की जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि न्यायिक जांच हुई तो कई लोग जेल जाएंगे। आप सांसद के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि एसआईआर में धांधली पकड़ी जा रही है, पहली बार इतनी गम्भीर तरीके से चुनाव आयोग काम कर रहा है। दो जगहों पर वोटर बनने और फर्जी तथा मृत वोटरों के नाम हटाये जा रहे हैं। इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। संजय सिंह जो बोल रहे हैं कि दूसरे राज्यों से वोटर भाजपा ला रही है तो यह आज के दौर में संभव नही है क्योंकि आजकल सब कुछ डिजिटल है।
