“बटुक ब्राह्मणों के अपमान” पर सियासी संग्राम! डिप्टी सीएम पर उठे सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में बटुक ब्राह्मणों के कथित अपमान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने उपमुख्यमंत्री पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और ब्राह्मणों का अनादर करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। इस मामले ने देखते ही देखते बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जो सरकार धर्म और संस्कृति की दुहाई देती है, उसी के शीर्ष नेता विद्वान बटुक ब्राह्मणों के साथ शिष्टाचार का पालन नहीं कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री का व्यवहार इन ब्राह्मणों के प्रति गरिमापूर्ण नहीं था, जो सीधे तौर पर समाज के एक बड़े वर्ग का अपमान है।
विपक्ष के इन तीखे हमलों के बाद सरकार की ओर से भी बचाव की कोशिशें शुरू हो गई हैं। भाजपा समर्थकों और सरकारी प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि उपमुख्यमंत्री सदैव विद्वानों और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते आए हैं और विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे इस तरह की बातों को तूल देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस सियासी संग्राम ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, जहाँ अलग-अलग संगठनों द्वारा इस घटना की निंदा की जा रही है। ब्राह्मण संगठनों ने भी इस पर स्पष्टीकरण की मांग की है। विपक्ष इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद थमने के बजाय और अधिक गहराने के आसार नजर आ रहे हैं।
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