रमज़ान के दौरान लाउडस्पीकर की अनुमति की मांग पर सियासत गरम, सपा विधायक अतुल प्रधान का बयान
मेरठ। आगामी रमजान के महीने को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने रमजान के दौरान लाउडस्पीकर की अनुमति देने की मांग उठाकर नई बहस छेड़ दी है। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विधायक ने धार्मिक परंपराओं और त्योहारों की महत्ता का हवाला देते हुए प्रशासन से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है।
अतुल प्रधान ने कहा कि त्योहारों के समय हर समुदाय की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि रमजान के दौरान सहरी और इबादत के समय के बारे में लोगों को सूचित करने के लिए लाउडस्पीकर एक जरूरी माध्यम रहा है। विधायक के अनुसार, नियमों के दायरे में रहकर और एक निश्चित ध्वनि सीमा तय करते हुए अनुमति दी जानी चाहिए ताकि किसी को असुविधा भी न हो और धार्मिक रीतियां भी पूरी हो सकें।
दूसरी ओर, विधायक की इस मांग पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सत्ता पक्ष का कहना है कि लाउडस्पीकर को लेकर माननीय न्यायालय और सरकार के दिशा-निर्देश स्पष्ट हैं, जो सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होते हैं। भाजपा के स्थानीय नेताओं का आरोप है कि सपा विधायक तुष्टीकरण की राजनीति के तहत इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल इस मांग को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। चुनावी साल और आगामी त्योहारों को देखते हुए इस मुद्दे पर होने वाली राजनीति ने पुलिस और खुफिया विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है।
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