डिप्टी CM ने किया अपने आवास पर बटुकों का सम्मान, शंकराचार्य विवाद की नाराजगी घटाने की कोशिश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों का सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी नम्रता पाठक के साथ मिलकर आवास पर आए 101 बटुकों के माथे पर तिलक लगाया और पुष्प वर्षा कर उन्हें सम्मानित किया। बटुकों से उन्होंने आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
राजधानी लखनऊ में आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक हलचल मचा दी।
सरकारी आवास… लेकिन माहौल किसी राजनीतिक बैठक का नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और समर्थन के प्रदर्शन का था। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे बटुक — वैदिक परंपरा के छात्र — हाथों में फूल, चेहरे पर संतोष और जुबान पर आभार… और उनका एक ही संदेश — हमारी आवाज उठाने के लिए धन्यवाद।”
19 फरवरी 2026 यानी आज बड़ी संख्या में बटुक उपमुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर पहुंचे। उनका डिप्टी सीएम ने सपत्नी फूलों से स्वागत किया और बटुकों ने उनके समर्थन के लिए सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया। यह मुलाकात अचानक नहीं थी — बल्कि हाल ही में बटुकों से जुड़े विवाद के बाद डिप्टी सीएम द्वारा दिए गए कड़े बयान का परिणाम मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें "दुनिया किस दिशा में जाएगी, यह तय करेगा इंसान का फैसला" AI पर पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा बयानमौके पर मौजूद एक बटुक ने कहा: “हम उपमुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने हमारी आवाज उठाई और हमें सम्मान दिलाने का काम किया।” बटुकों ने न सिर्फ धन्यवाद दिया, बल्कि उन्हें आगे बढ़कर नेतृत्व करने की शुभकामनाएं भी दीं।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए प्रयागराज घटना पर सिखा खींचने को पाप बताया था। उसके बाद आज उन्होंने बटुकों का सम्मान किया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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