बटुक अपमान पर अखिलेश का वार — डिप्टी CM पर उठाए सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'चोटी' (शिखा) और 'बटुक' को लेकर छिड़ा संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बटुकों के अपमान के मुद्दे पर राज्य की योगी सरकार और विशेषकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने प्रयागराज में बटुकों की शिखा खींचे जाने की घटना को 'महापाप' बताते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सम्मान नहीं, यह केवल राजनीतिक दिखावा: अखिलेश
हाल ही में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा अपने आवास पर 101 बटुकों को आमंत्रित कर उनका पूजन और सम्मान करने पर अखिलेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताया। सपा प्रमुख ने कहा कि जब बटुकों का अपमान हुआ, जब पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, तब यह सरकार और उनके मंत्री कहाँ थे? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब चुनाव और जनता के आक्रोश को देखते हुए 'फूल बरसाने' का नाटक किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा, "अपमान करने वाले ही अब सम्मान का ढोंग रच रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता और बटुक सब देख रहे हैं।"
शंकराचार्य विवाद का दिया हवाला
अखिलेश यादव ने इस विवाद को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए व्यवहार से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पूजनीय शंकराचार्य का अपमान किया और अब उनके शिष्यों (बटुकों) को प्रताड़ित कर रही है। अखिलेश ने मांग की कि जिन अधिकारियों ने बटुकों की शिखा का अपमान किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की दुहाई देने वाली भाजपा के राज में ही बटुक सबसे ज्यादा असुरक्षित और अपमानित महसूस कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें CM योगी के बाद दोनों डिप्टी सीएम ने की मोहन भागवत से मुलाकात, यूपी में बड़े बदलाव के संकेत?शिवपाल यादव ने भी साधा निशाना
इस मुद्दे पर अखिलेश यादव के साथ-साथ शिवपाल सिंह यादव ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक कितना भी ढोंग कर लें, लेकिन बटुकों के साथ हुई बदसलूकी का दाग नहीं धुलेगा। सपा नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को माफी मांगनी चाहिए और केवल फूल बरसाने से बटुकों का खोया हुआ सम्मान वापस नहीं आएगा।
क्या है बटुक अपमान मामला?
ज्ञात हो कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों और बटुकों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें आरोप लगा था कि पुलिस ने बटुकों के साथ धक्का-मुक्की की और उनकी शिखा (चोटी) खींची। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने इसे सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए सरकार को घेरा था। जवाब में डिप्टी सीएम ने बटुकों का सम्मान कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की, जिसे अब अखिलेश यादव 'चुनावी नौटंकी' बता रहे हैं।
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