मुरादाबाद: आंगनवाड़ी कर्मियों में बढ़ा आक्रोश, काम पूरा लेकिन हक अधूरा
मुरादाबाद सहित पूरे प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के बीच मानदेय वृद्धि को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। लंबे समय से कम मानदेय पर कार्य कर रही कर्मियों ने अब अपनी मांगों को लेकर खुलकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि काम का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन उसके अनुपात में उन्हें उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।
सदन के संकेतों से जगी थी उम्मीद, अब निराशा
आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन के अनुसार हाल ही में सदन में मानदेय बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद कर्मियों में उम्मीद जगी थी कि सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी। लेकिन अब तक कोई आधिकारिक घोषणा न होने से कर्मियों में निराशा का माहौल है और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
लगातार बढ़ रहा कार्यभार
यूनियन का कहना है कि आंगनवाड़ी कर्मियों पर लगातार कार्यभार बढ़ाया जा रहा है। अपने नियमित कार्यों के अलावा उन्हें अन्य विभागों के कार्य भी सौंपे जा रहे हैं। इससे न केवल उनके काम का दबाव बढ़ रहा है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
बीएलओ और एसआईआर कार्यों में भी लगी ड्यूटी
हाल के दिनों में आंगनवाड़ी कर्मियों को बीएलओ और एसआईआर से जुड़े कार्यों में भी लगाया गया। कर्मियों ने इन जिम्मेदारियों को दिन-रात मेहनत कर पूरा किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ या प्रोत्साहन नहीं मिला। इससे उनके मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
आर्थिक स्थिति बनी चिंता का कारण
यूनियन के अनुसार अधिकांश आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं और सीमित संसाधनों में अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। कम मानदेय में घर चलाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में महंगाई के इस दौर में उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
सरकार से बढ़े मानदेय की मांग
आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि कर्मियों के योगदान और उनकी मेहनत को देखते हुए अप्रैल माह से बढ़ा हुआ मानदेय लागू किया जाए। उनका कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकेगी।
न्याय की उम्मीद में कर्मी
आंगनवाड़ी कर्मी अब सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही मानदेय वृद्धि को लेकर फैसला नहीं लिया गया, तो वे आगे भी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो सकते हैं।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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