काश! पुलिस ने की होती कार्रवाई, तो शायद नहीं होती महिला जज के पिता की हत्या
मुरादाबाद। शहर में बेकरी संचालक मोहम्मद असद की हत्या के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो यह दर्दनाक घटना टल सकती थी। असद, जो एक न्यायिक अधिकारी के पिता थे, को पहले ही जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं, लेकिन आरोपियों पर समय रहते शिकंजा नहीं कसा गया।
दो महीने पहले मिली थी रंगदारी की धमकी
जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की जिगर कॉलोनी निवासी मोहम्मद असद को 22 दिसंबर 2025 की रात रंगदारी के लिए धमकाया गया था। वह अपने परिवार के साथ मानसरोवर स्थित होटल से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में आरोपियों ने उनकी कार को रोक लिया।
ये भी पढ़ें रोजेदारों ने अदा की रमजान के दूसरे जुम्मे की नमाज, मुरादाबाद में दिखी अकीदत और खुशी की झलकबताया जाता है कि आरोपियों ने असद से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी और कहा कि यदि एकमुश्त रकम नहीं दे सकते तो दस महीने तक एक-एक लाख रुपये देकर भुगतान करें। साथ ही रकम न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई तत्काल कार्रवाई
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद असद ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद 13 जनवरी 2026 को मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।
आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस दौरान असद को लगातार धमकियां मिलती रहीं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ था।
पुलिस की देरी बनी बड़ी वजह, उठ रहे सवाल
परिजनों का कहना है कि 22 दिसंबर की घटना के करीब 22 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज होना और उसके बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना, पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाता, तो असद की जान बच सकती थी।
पुराने विवाद से जुड़ा है मामला
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी जफर हुसैन का अपने भाई मुजाहिद से लंबे समय से संपत्ति विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इस विवाद के चलते परिवार में तनाव बना हुआ था।
सूत्रों के अनुसार, मुजाहिद और मोहम्मद असद के बीच अच्छे संबंध थे, जिससे आरोपी जफर हुसैन नाराज रहता था। इसी रंजिश को लेकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
भीड़ जुटने से टली एक और बड़ी वारदात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने मोहम्मद असद पर गोली चलाने के बाद दूसरा फायर करने की भी कोशिश की, लेकिन मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। इससे घबराकर आरोपी वहां से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर भीड़ नहीं पहुंचती, तो एक और बड़ी घटना हो सकती थी।
वारदात के बाद फरार हुए आरोपी, तलाश जारी
घटना के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर उनके भागने के रास्तों का पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी है।
आशंका जताई जा रही है कि आरोपी रेलवे स्टेशन की ओर भागे और ट्रेन के जरिए फरार हो गए। पुलिस टीमों ने स्टेशन पर भी जांच की, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत, मची भगदड़
वारदात के समय बंगला गांव चौराहे पर काफी भीड़ थी। अचानक फायरिंग होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
दुकानदारों ने तुरंत अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
इस सनसनीखेज हत्या के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो एक निर्दोष व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। अधिकारी जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा कर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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