सहारनपुर: आवास विकास परिषद योजना-11 के तहत भूमि अधिग्रहण पर किसानों ने सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की योजना संख्या-11 के तहत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित गांवों के किसानों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर सर्किल रेट में संशोधन की मांग की है। किसानों का कहना है कि वर्तमान सर्किल रेट बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम हैं, जिससे उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल पाएगा।
प्रार्थना पत्र में ग्राम लण्ढौरा गुर्जर, सराय अब्दुल फतेह, नवादा भजडू, मनानी, मोहनपुर गाड़ा, कांकरकुई एवं अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि लण्ढौरा गुर्जर विकासशील गांवों की श्रेणी में होने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग चंडीगढ़-देहरादून हाईवे से जुड़ा हुआ है, इसके बावजूद यहां सर्किल रेट में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है। किसानों ने यह भी बताया कि आसपास के गांवों की तुलना में इन गांवों के सर्किल रेट काफी कम हैं, जबकि वास्तविक बाजार मूल्य सर्किल रेट से कई गुना अधिक है।
ये भी पढ़ें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ: वाराणसी पहुँची झूंसी पुलिस, POCSO केस में कार्रवाईकिसानों ने जिलाधिकारी से मांग की कि लण्ढौरा गुर्जर, सराय अब्दुल फतेह एवं नवादा भजडू के सर्किल रेट को आसपास के गांवों के बराबर किया जाए तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुरूप दर निर्धारित की जाए, ताकि भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। ज्ञापन देने वालों में भागराम, मनोज कुमार, सन्दीप, सतबीर, सतीश कुमार, सोमप्रकाश, इसरार, शादिक, प्रवेज, मदन, दिलशाद, वाजिद सहित अनेक ग्रामीण शामिल रहे।
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लेखक के बारे में
गौरव सिंघल सहारनपुर के एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो पिछले 18 वर्षों (2007 से) से मीडिया जगत में सक्रिय हैं। पत्रकारिता की बारीकियां उन्होंने विरासत में अपने पिता के मार्गदर्शन में 'अमर उजाला' और 'हिन्दुस्तान' जैसे संस्थानों से सीखीं।
अपने लंबे करियर में उन्होंने इंडिया टुडे (फोटो जर्नलिस्ट), शुक्रवार, इतवार, दैनिक संवाद और यूपी बुलेटिन जैसे दर्जनों प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दीं। लेखनी के साथ-साथ कुशल फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान है।
विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में अनुभव प्राप्त करने के बाद, वर्तमान में गौरव सिंघल सहारनपुर से 'रॉयल बुलेटिन' के साथ जुड़कर अपनी निष्पक्ष और गहरी रिपोर्टिंग से संस्थान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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