सहारनपुर में जेल में बंद कमलजीत प्रधान से मिलीं सांसद इकरा हसन, बोलीं- राजनीतिक दुर्भावना में फंसाया, सड़क से संसद तक लड़ेंगे लड़ाई
सहारनपुर । सरसावा टोल प्लाजा मामले में जेल में बंद ग्राम प्रधान और सपा नेता कमलजीत प्रधान से मुलाकात करने बुधवार को कैराना लोकसभा सांसद इकरा हसन जिला कारागार पहुंचीं। इकरा हसन ने जेल में कमलजीत का हौसला बढ़ाया और इस पूरी कार्रवाई को सत्ता के 'जिद्दी रवैये' का उदाहरण बताया। सांसद ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए सरकारी तंत्र का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।
क्या है मामला:
जनपद के सरसावा टोल प्लाजा पर पिछले एक साल से कथित रूप से चल रहे 'अवैध वसूली' के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने टोल प्लाजा मालिक और सपा नेता कमलजीत प्रधान सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का अनुमान है कि नियम विरुद्ध तरीके से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से करीब 50 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। इस कार्रवाई के बाद नकुड़ विधानसभा सीट पर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से 130 रुपये की अवैध वसूली, छपवा रखी थी फर्जी रसीदें सहारनपुर के एसपी ग्रामीण सागर जैन ने बताया कि हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से टोल वसूली का कोई नियम नहीं है, इसके बावजूद सरसावा टोल पर हर ट्रॉली से 130 रुपये वसूले जा रहे थे। इसके लिए संचालक ने अपने स्तर पर फर्जी रसीदें छपवा रखी थीं। पुलिस अब पिछले 5 साल का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि वसूली के सही आंकड़े सामने आ सकें। मौके से रसीद बुक और वसूली का विवरण लिखी पर्चियां भी बरामद हुई हैं।
सपा का आरोप: भाजपा विधायक ने राजनीतिक करियर खत्म करने के लिए फंसाया कमलजीत प्रधान की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपा नेताओं का कहना है कि कमलजीत नकुड़ सीट से टिकट के प्रबल दावेदार हैं, इसलिए भाजपा विधायक मुकेश चौधरी ने साजिश के तहत उन्हें जेल भिजवाया है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फरहद गाड़ा ने आरोप लगाया कि कमलजीत ने हाल ही में मतदाता सूची (SIR) में मुस्लिम सहायकों के नाम काटे जाने का मुद्दा उठाया था, जिसका बदला लेने के लिए यह कार्रवाई की गई। पूर्व भाजपा विधायक शशिबाला पुंडीर ने भी कमलजीत का समर्थन करते हुए इसे 'राजनीतिक शिकार' बताया है।
भाजपा विधायक की सफाई: 'वह मेरा भतीजा जैसा, मैंने तो छुड़ाने की कोशिश की' इन आरोपों पर नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि कमलजीत उनके चुनाव में साथ रहे हैं और उनके भतीजे जैसे हैं। विधायक ने कहा, "मेरा इस कार्रवाई में कोई रोल नहीं है। नियम स्पष्ट है कि ट्रैक्टर से टोल नहीं लिया जा सकता, वहां वसूली की पुष्टि हुई तभी प्रशासन ने एक्शन लिया।" उन्होंने यह भी दावा किया कि कमलजीत को छुड़ाने के लिए उन्होंने और अन्य मंत्रियों ब्रजेश सिंह ने भी अधिकारियों से बात की थी।
क्यों बनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कमाई का जरिया? सहारनपुर और देहरादून क्षेत्र से भारी मात्रा में पॉपुलर की लकड़ी और खनन सामग्री हरियाणा के यमुनानगर जाती है। सरसावा टोल एकमात्र रास्ता है जहाँ से रोजाना हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गुजरती हैं। यही वजह थी कि टोल संचालकों ने इसे अवैध कमाई का बड़ा जरिया बना लिया था। फिलहाल पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
भाजपा और सपा के बीच छिड़ा 'पोस्टर वॉर' कमलजीत की गिरफ्तारी के बाद से ही नकुड़ और सहारनपुर क्षेत्र में सियासी जंग तेज है। सपा नेता इसे भाजपा विधायक मुकेश चौधरी की साजिश बता रहे हैं, जबकि भाजपा विधायक ने इसे प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई करार दिया है। पूर्व भाजपा विधायक शशिबाला पुंडीर भी कमलजीत के समर्थन में जेल जाकर उनसे मिल चुकी हैं, जिससे मामले में 'अपनों' और 'परायणों' के बीच की लकीर धुंधली हो गई है। शशिबाला पुंडीर ने फेसबुक पर दो तीखी पोस्ट साझा कर कमलजीत की गिरफ्तारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कमलजीत को 'राजनीति का शिकार' बनाया गया है और वे इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिले को लूटने वाले जनप्रतिनिधियों की जांच की मांग करेंगी।
जेल जाकर कमलजीत से मिलीं पुंडीर, बताई बेगुनाही की कहानी शशिबाला पुंडीर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वे स्वयं जेल जाकर कमलजीत से मिली हैं और पूरी घटना की जानकारी ली है। उन्होंने दावा किया कि सरसावा टोल प्लाजा के मौजूदा दस्तावेजों में कमलजीत का नाम कहीं नहीं है। पुंडीर ने लिखा, "टोल पहले उनके नाम पर था, लेकिन अब नहीं है। उनका टोल से कोई पैसे का लेनदेन (ट्रांजैक्शन) भी नहीं है। वह लड़का बहुत तरक्की कर रहा था, इसलिए उसे झूठा फंसाया गया है। पूर्व विधायक ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राजनीति करनी चाहिए, लेकिन इतना गिरकर नहीं। उन्होंने लिखा कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अवगत कराएंगी कि कैसे उनके ही जनप्रतिनिधि जिला लूटकर खा रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन पर ध्यान देने के बजाय बेगुनाहों को फंसा रहा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी से भी बात की है।
